भोपाल

अलविदा 2020 : इस साल यूनेस्को ने वर्ल्ड हेरिटेज की सूची में एमपी के 2 शहरों को किया शामिल, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

साल 2020 की उपलब्धि : मध्य प्रदेश के ग्वालियर और ओरक्षा शहर को यूनेस्को ने वर्ल्ड हेरिटेज की सूची में शामिल किया, आगामी दिनों में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा।
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अलविदा 2020 : इस साल यूनेस्को ने वर्ल्ड हेरिटेज की सूची में एमपी के 2 शहरों को किया शामिल, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

भोपाल/ साल 2020 के पूरे होने में अब कुछ ही दिन बाकि हैं। लोग अपने अपने ढंग से 2020 की विदाई और नए वर्ष के स्वागत की तैयारियां कर रहे हैं। साल 2020 के शुरुआती महीनों में ही सामने आए कोरोना वायरस ने देश-प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया पर गहरी छाप छोड़ी है। इस दौरान लगे लॉकडाउन को में लोग आने वाले कई सालों तक नहीं भूल सकेंगे। इसके बावजूद भी 2020 को कई उपलब्धियों के रूप में जाना जाएगा। उन्हीं में से एक मध्य प्रदेश को भी इस साल बड़ी उपल्ब्धि मिली है। दरअसल, साल 2020 के दिसंबर माह में ही यूनेस्को (UNESCO) ने प्रदेश के दो शहरों को अपनी वर्ल्ड हेरिटेज सिटी की सूची में शामिल किया है। ये दो शहर ग्वालियर और ओरछा हैं। यानी इस साल से मध्य प्रदेश पर्यटन के साथ मिलकर यूनेस्को भी ग्वालियर और ओरछा के ऐतिहासिक स्थलों को बेहतर बनाने के काम करेगा।


2021 में तैयार होगा मास्टर प्लान

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नए साल यानी 2021 में यूनेस्को की टीम द्वारा ग्वालियर और ओरछा का दौरा किया जाएगा। इस दौरान यूनेस्को की टीम दोनों शहरों के ऐतिहासिक स्थलों का दौरा करेगी और उनके विकास के लिए पर्यटन विभाग के साथ मिलकर मास्टर प्लान तैयार करेंगी, जिसके तहत आगामी दिनों में इन दोनों शहरों के पर्यटन स्थलों को विकसित किया जाएगा। इन पर्यटन स्थलों के विकसित होने के बाद प्रदेश के पर्यटन को और भी बढ़ावा मिलेगा।


क्यों खास हैं ग्वालियर?

ग्वालियर मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में से एक है। 9वीं शताब्दी में स्थापित ग्वालियर गुर्जर प्रतिहार राजवंश, तोमर, बघेल कछवाहों और सिंधिया शासन की राजधानी रहा है। इन राजवंशों द्वारा बनाई गई इमारतें, किले और महल आज भी ग्वालियर में मौजूद हैं, जिन्हें देश-दुनिया की प्रसिद्ध इमारतों में से एक माना जाता है।


क्यों खास हैं ओरछा?

ओरछा 16वीं शताब्दी में बुंदेला साम्राज्य की राजधानी रहा है। ये शहर अपने किले के लिए पहचाना जाता है। इस किले का निर्माण साल 1501 में राजा रुद्र प्रताप सिंह द्वारा कराया गया था। इस किले में एक भी है। ये दुनिया का एकमात्र मंदिर है, जहां भगवान राम को राजा के रूप में पूजा जाता है।


ये होगा फायदा

यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज सूची में शामिल होने के बाद मानसिंह पैलेस, गूजरी महल और सहस्त्रबाहु मंदिर में केमिकल ट्रीटमेंट और पुनर्निर्माण का काम होगा। शहरों के ऐतिहासिक स्थलों पर बनी हुई पेंटिंग्स को उभारा जाएगा और इन ऐतिहासिक स्थलों तक जाने वाले रास्तों को चौढ़ा कराया जाएगा। इनके अलावा इन ऐतिहासिक स्थलों पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती भी की जाएगी, ताकि इसका रखरखाव और बेहतर हो सके। यूनेस्को के इस कदम के बाद प्रदेश के ग्वालियर और ओरछा के पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा।

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Updated on:
26 Dec 2020 07:07 pm
Published on:
26 Dec 2020 07:07 pm