भोपाल

MP News : फर्जी दस्तावेजों के सहारे ले लिए करोड़ों के टेंडर, 3 फर्मों पर केस

MP News : जैतवारा कॉलेज में 60 लाख से ज्यादा क्रय का आदेश, मंदसौर और श्योपुर के टेंडर की भी जांच के आदेश हुए।
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MP News (फर्जी दस्तावेजों के सहारे करोड़ों के टेंडर Photo Source- Patrika)

Bhopal News : सरकारी कॉलेजों के करोड़ों रुपए के टेंडर फर्जी दस्तावेजों के सहारे हासिल करने के आरोप में कमला नगर पुलिस ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर संभाग की 3 फर्मों के संचालकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस की जांच में फर्जी वार्षिक टर्नओवर सर्टिफिकेट, निर्माता कंपनी के अधिकृत विक्रेता होने से संबंधित फर्जी दस्तावेज और अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सरकारी टेंडर हासिल करने के आरोप सामने आए हैं।

मामला वैष्णवी ट्रेडर्स, जेएमडी एसोसिएट और ए.एन इंटरप्राइजेज से जुड़ा है। फर्म संचालक मनीषा शर्मा, खुशबू शर्मा और संजय रामाधीन शर्मा के खिलाफ शनिवार को कमला नगर पुलिस ने केस दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस अब टेंडर प्रक्रिया, दस्तावेज तैयार करने, क्रय आदेश और भुगतान की पूरी कड़ी की जांच कर रही है।

शिकायत से खुले दस्तावेजी फर्जीवाड़े

फरियादी विश्वास जैन ने 13 जनवरी 2026 को कमला नगर थाने में शिकायत की थी। उनका आरोप था, उच्च शिक्षा विभाग के अधीन विभिन्न सरकारी कॉलेजों में जारी निविदाओं में कुछ फर्मों ने ऐसे दस्तावेज लगाए, जिन्हें बाद में संबंधित सीए और निर्माता कंपनियों ने जारी करना ही नहीं माना। शिकायत के बाद पुलिस ने फर्म संचालकों के बयान दर्ज किए और टेंडर से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू की। इसी दौरान दस्तावेजों की पुष्टि के लिए संबंधित कंपनियों और चार्टर्ड अकाउंटेंट से जानकारी मांगी गई।

जैतवारा कॉलेज में 60 लाख का आदेश

शिकायत के मुताबिक शासकीय महाविद्यालय जैतवारा ने प्रयोगशाला उपकरणों के लिए 28 जुलाई 2023 को निविदा जारी की थी। इसमें जेएमडी एसोसिएट ग्वालियर को 15 सितंबर 2023 को 60,04,527 रुपए का क्रय आदेश जारी हुआ। आरोप है कि, टेंडर हासिल करने के लिए निर्माता कंपनी और अन्य दस्तावेजों को कूट रचित तरीके से तैयार कर प्रस्तुत किया गया। बाद में फर्म को भुगतान भी प्राप्त हुआ। पुलिस अब इस भुगतान और निविदा में लगाए गए दस्तावेजों की पूरी जांच कर रही है।

श्योपुर का टेंडर भी निरस्त हुआ

शासकीय आदर्श कन्या महाविद्यालय श्योपुर में 9 मार्च 2024 को एएन इंटरप्राइजेज ने टेंडर में भाग लिया था। आरोप है कि, इसमें भी फर्जी टर्नओवर और अन्य दस्तावेज लगाए गए। शिकायत के आधार पर उच्च शिक्षा विभाग की जांच के बाद टेंडर निरस्त किए जाने की जानकारी पुलिस को मिली है।

निर्माता कंपनी ने कहा- अधिकृत विक्रेता नहीं

जांच में पुलिस ने इन्सिफ इंडिया अंबाला कैंट से जेएमडी एसोसिएट और वैष्णवी ट्रेडर्स से संबंधित दस्तावेजों की पुष्टि कराई। पुलिस के अनुसार, कंपनी ने 1 मई 2026 को दिए जवाब में दोनों फर्मों को अधिकृत विक्रेता नहीं माना। कंपनी ने यह भी बताया कि निविदा के संबंध में दोनों फर्मों की कोई अधिकृत भागीदारी नहीं थी। कंपनी की ओर से दोनों फर्मों को 26 फरवरी 2024 को अधिवक्ता के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजे जाने की जानकारी भी पुलिस जांच में सामने आई।

चार्टर्ड अकाउंटेंट के नाम से बनाए सर्टिफिकेट

पुलिस जांच में वार्षिक टर्नओवर सर्टिफिकेट को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आए। वैष्णवी ट्रेडर्स और एएन इंटरप्राइजेज से जुड़े प्रमाणपत्रों की पुष्टि के लिए संबंधित चार्टर्ड अकाउंटेंट को पत्र भेजे गए। जांच अधिकारी के अनुसार सीए, सचिंद्र बंसल, धौलपुर और सीए उदित गुप्ता, ग्वालियर ने संबंधित सर्टिफिकेट जारी करने से इनकार किया। इसी तरह जेएमडी एसोसिएट के टर्नओवर प्रमाणपत्र में हस्ताक्षर और नंबर को लेकर भी आपत्ति सामने आई। चार्टर्ड अकाउंटेंट उदित गुप्ता ने संबंधित फर्म के साथ व्यावसायिक लेनदेन नहीं होने की बात कही है।

मंदसौर में जीएसटी और बिल को लेकर गड़बड़ी का आरोप

शासकीय पीजी कॉलेज मंदसौर की वैष्णवी ट्रेडर्स से संबंधित दस्तावेजों में अलग-अलग जीएसटी नंबर सामने आने का आरोप है। शिकायतकर्ता का कहना है, जिस फर्म के नाम से क्रय आदेश जारी हुआ, उसके बजाय दूसरे जीएसटी नंबर से संबंधित फर्म के नाम से बिल प्रस्तुत कर भुगतान लेने का प्रयास किया गया।

Updated on:
10 Aug 2026 07:01 am
Published on:
10 Aug 2026 07:01 am