भोपाल

3200 करोड़ की ठगी करने वाली गैंग का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, देशभर में लोगों को देते रहे झांसा

MP News: फर्जी कंपनियों और ऐप के जरिए निवेश पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर देशभर में 3200 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गैंग का बड़ा खुलासा हुआ है।

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Feb 12, 2026
3200 Crore Pan India Investment Scam Mastermind Arrested (फोटो- AI)

MP News: फर्जी कंपनियां बनाकर निवेश के नाम पर मध्य प्रदेश समेत देशभर से 3200 करोड़ से ज्यादा की ठगी (Investment Scam) करने वाले अंतरराष्ट्रीय गैंग के भारत में काम करने वाले मास्टमाइंड को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। 6 माह की सर्चिग के बाद टीम ने ऋषिकेश राय को मंगलवार रात नोएडा से दबोचा। उसे सात दिन की रिमांड पर लिया है। देशभर से जो 3200 करोड़ ठगे गए, उसमें से सबसे ज्यादा 1000 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन रैनेट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिडेट ने किया। इस कंपनी का डायरेक्टर ऋषिकेश राय ही है।

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नोएडा से एसटीएफ ने किया गिरफ्तार

एसटीएफ सूत्रों की मानें तो मप्र समेत पूरे देश में ऑनलाइन ठगोरों की इस गैंग को ऋषिकेश ऑपरेट करता है। इससे ऊपर गैंग का सरगना लविश चौधरी है। वह दुबई से गैंग को ऑपरेट कर रहा है। ऋषिकेश पर एसटीएफ ने 30 हजार रुपए इनाम रखा था। बता दें, मामले का खुलासा इंदौर के ईशान सलूजा की शिकायत से खुला। ईशान ने एसटीएफ को की शिकायत में कहा, यॉर्कर एफएक्स और यॉर्कर कैपिटल में निवेश के नाम पर 20.18 लाख की ठगी की। एसटीएफ ने जांच शुरू की तो देशभर में ठगी का खुलासा हुआ।

दिल्ली के पास कई दिन सर्चिग

फ प्राइवेट लिमिडेट के र्जी फर्म रैनेट प्रमुख डायरेक्टर ऋषिकेश राय को पकड़ने के लिए एसटीएफ को खासी मशक्कत करनी पड़ी। टीम कई दिनों तक दिली. गुड़गांव, नोएडा सहित आसपास के इलाके खंगालती रही। एसटीएफ ने दोनों फर्म किन्डेंट बिजनेस सॉल्यूएशन और रैनेट प्रालि के ठिकानों पर भी छापेमारी की। तब किन्डेंट के डायरेक्टर राहुल यादव और पंकज गुंजन को गिरफ्तार किया पर ऋषिकेश भाग गया था।

5 माह तक देता रहा चकमा

जून 2025 में ठगी का खुलासा हुआ था। एसटीएफ ने ऋषिकेश के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया। वह 5 माह तक छकाता रहा। बता दें, लविश चौधरी कृष्ण मोहन, महमूद आलम के खिलाफ भी लुक आउट सर्कुलर जारी है।

9 पहले से सलाखों के पीछे

एसटीएफ आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार राजस्थान, दिल्ली और यूपी व कई राज्यों में दबिश दी। 9 से ज्यादा को पकड़ा। इनमें से 3 कंपनियों के डायरेक्टर समेत अन्य हैं। इन्हीं में फर्जी कंपनी रैनेट टेक्नोलॉजी के डायरेक्टर मनोरंजन राय और किन्डेंट बिजनेस सॉल्यूशन के डायरेक्टर राहुल यादव, पंकज गुंजन की गिरफ्तारी हो चुकी है।

मुख्य सरगना लविश फरार

गिरोह का मुख्य सरगना लविश चौधरी अब भी कानून के शिकंज से बाहर है। वह दुबई से गिरोह ऑपरेट कर रहा है। एसटीएफ ने उसके ठगी के सभी प्लेटफॉर्म बंद करा दिए तो उसने नया सिस्टम बना लिया।

ठगों का ऐसा जाल, निवेश से लेकर लुटने तक की पूरी कहानी

  1. ऑनलाइन निवेश का झांसा…

गैंग ने फर्जी कंपनी यॉर्कर एफएक्स और यॉर्कर कैपिटल को मोहरा बनाया। लोगों को ऐप के जरिए निवेश के लिए प्रेरित किया। गैंग के सदस्य लोगों को निवेश पर 6-8% फिक्स मुनाफे का झांसा देते थे।

  1. टेलीग्राम ग्रुप…

टेलीग्राम ऐप पर 12 से ज्यादा ग्रुप बनाए। लोगों को निवेश के लिए ऐप पर लिंक भेजते थे। दावा करते थे 18 हजार रुपए रजिस्ट्रेशन और निवेश पर 8% की दर से मुनाफा मिलेगा।

  1. रुपए डाइवर्ट…

निवेश के तौर पर लिए रुपए गिरोह के फर्जी फर्मों के विभिन्न खातों में भेजे जाते थे। फिर दुबई और अन्य देशों में भी रुपए ट्रांसफर कर दिए जाते थे।

  1. आंखों का धोखा…

निवेशक के ₹18 हजार को ठगों ने फर्जी ऐप पर निवेश के 2-3 माह में ही 1.50 लाख रुपए दिखा दिए। लोगों का भरोसा बढ़ा, और रुपए लगाए। बाद में पैसे मांगे तो ठग फरार हो गए। (MP News)

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Updated on:
12 Feb 2026 03:19 pm
Published on:
12 Feb 2026 12:08 am
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