
Bhopal Cyber Fraud :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को मुंबई की डीजी शेयर मार्केट रिसर्च कंपनी का कर्मचारी बताकर 29 वर्षीय युवक को ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का लालच दिया। पहले छोटी रकम की ट्रेडिंग कराकर 46 हजार रुपए का मुनाफा दिखाया और युवक का भरोसा जीत लिया।
इसके बाद ग्रो एप की आईडी और पासवर्ड लेकर उसके डीमैट खाते से 3 लाख रुपए की ट्रेडिंग कर दी। नुकसान होने के बाद इसकी भरपाई का झांसा देकर युवक से 1.14 लाख रुपए और ठग लिए। 4.14 लाख रुपए की ठगी की।
नुकसान होने के बाद अक्षय ने आरोपियों से संपर्क किया। इस पर एक अन्य व्यक्ति ने खुद को सीनियर बताते हुए फोन किया और कहा कि, नुकसान की जिम्मेदारी उनकी है। इसके बदले 1.20 लाख रुपए अलग से जमा करने को कहा गया। अक्षय ने किसी तरह 80 हजार रुपए की व्यवस्था की। इसके बाद आरोपियों ने उसे एक लिंक भेजी। लिंक पर क्लिक करने और उनके बताए निर्देशों का पालन करने के दौरान उसके बैंक खाते सहित यूपीआई के जरिए 80 हजार और 34 हजार रुपए के दो ट्रांजेक्शन हो गए। इस तरह साइबर ठग ने 4.14 लाख रुपए लेकर फरार हो गए।
दानिश नगर निवासी अक्षय कुमार गुप्ता ने बताया, 29 जुलाई को दोपहर 3 बजे मोबाइल पर कॉल आया। कॉल करने वाले ने नाम विजय बताते हुए खुद को डीजी शेयर मार्केट रिसर्च कंपनी मुंबई का कर्मचारी बताया। उसने शेयर ट्रेडिंग में अधिक रिटर्न की गारंटी दी और कहा मुनाफे में 40 फीसदी हिस्सा कंपनी का और 60 फीसदी निवेशक का होगा। फरियादी ने भरोसा करते हुए लॉग- इन की जानकारी दे दी। 30 जुलाई को आरोपियों ने उसके डीमेट खाते से 3 लाख रुपए की ट्रेडिंग कर दी। इसमें अक्षय की पूरी रकम चली गई।
वहीं, शहर के मिसरोद इलाके में ही एक ठग ने खुद को बैंक कर्मी बताकर वन रक्षक के क्रेडिट कार्ड से 1.06 लाख रुपए निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने बताया, ब्रिटिश पार्क 11 मील निवासी 34 वर्षीय ठाकुर सिंह लोधी वनरक्षक हैं। 31 जुलाई को उनके मोबाइल पर अज्ञात फोन आया। ठग ने खुद को एक्सिस बैंक का कर्मचारी बताया और क्रेडिट कार्ड से जुड़े सवाल किए। ठाकुर ने क्रेडिट कार्ड से यूपीआई पेमेंट की बात कही। इस पर आरोपी ने प्ले स्टोर से एक एप डाउनलोड करवाया। इसके बाद आरोपी ने वॉट्सऐप पर लिंक भेजकर डिटेल भरने को कहा। जानकारी भरने के बाद आरोपी ने बताया, कार्ड 24 घंटे ब्लॉक रहेगा और इसके बाद पॉइंट खाते में आ जाएंगे। इसके बाद पीड़ित के मोबाइल पर 1.06 लाख के ट्रांजेक्शन का मैसेज आया।