MP News: अब अगर रहवासी अपने कनेक्शन स्थायी में परिवर्तित नहीं कराते हैं तो उनकी बिजली आपूर्ति बंद हो जाएगी।
MP News: भदभदा क्षेत्र की भावना परिसर के रहवासी इन दिनों बिजली कंपनी के एक नोटिस से परेशान हैं। भोपाल में उन्हें अब अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ेगा या फिर बिजली कनेक्शन के लिए 50 हजार से 80 हजार रुपए तक की राशि देनी होगी। नगर निगम के वार्ड 26 की इस कॉलोनी में बिल्डर ने बिजली कनेक्शन के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए, बल्कि लोगों को महंगी अस्थायी कनेक्शन वाली बिजली दिलवाई। अब अस्थायी कनेक्शन को पांच साल पूरे हो गए। बिजली कंपनी ने नियम के अनुसार, यहां कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू की। उसके तहत नोटिस दिए।
अब अगर रहवासी अपने कनेक्शन स्थायी में परिवर्तित नहीं कराते हैं तो उनकी बिजली आपूर्ति बंद हो जाएगी। परेशानी यह है कि कंपनी की ओर से नए कनेक्शन के लिए जो शुल्क मांगा जा रहा है, वह काफी ज्यादा है। बहरहाल मामला सिर्फ भावना परिसर तक सीमित नहीं है। जिले में 300 से अधिक अवैध या अविकसित कॉलोनियां चिह्नित की गईं हैं, जहां बुनियादी ढांचे की कमी है। पूरे प्रदेश में ऐसी कॉलोनियों की संख्या 7,900 से अधिक है। जिले में ऐसे उपभोक्ता 30 हजार से अधिक है।
बिजली कंपनी के प्रबंधक नितिन उपाध्याय का कहना है कि इसके लिए आपको मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सरल संयोजन पोर्टल या उपाय ऐप से नया स्थायी कनेक्शन लेने के लिए आवेदन करना होता है। बिजली अधोसंरचना शुल्क के तौर पर 15 हजार 600 रुपए प्रतिकिलोवॉट की राशि तय है। यह भी 400 किलोवॉट तक के भार वाली कॉलोनियों में लागू है। राशि जमा करते हैं, तभी नए कनेक्शन के लिए कार्रवाई की जा सकती है। गौरतलब है कि बिजली कंपनी आपके परिसर तक लाइन पहुंचाने का खर्च के साथ ही मीटर और केबल का खर्च भी लेती है।
बरखेड़ी कला प्लॉट नंबर 127 पर रहने वाले राजकुमार कनोजिया को भदभदा जोन प्रबंधक नितिन उपाध्याय की ओर से नोटिस जारी किया। बताया गया कि अस्थायी बिजली कनेक्शन की अवधि समाप्त हो रही है। छह फरवरी 2020 में अस्थायी कनेक्शन लिया था। नोटिस 2025-26 के टैरिफ का हवाला देते हुए कहा गया कि पांच साल से अधिक समय तक अस्थायी कनेक्शन बनाए रखना नियमों का उल्लंघन है। नए स्थायी कनेक्शन की प्रक्रिया करें, नहीं तो कनेक्शन काटकर मीटर निकाल लिया जाएगा। उपभोक्ता राजकुमार का कहना है कि उन्हें इसके लिए 80 हजार रुपए की राशि जमा करना होगी।
अनइलेक्ट्रिफाइड कॉलोनियों में स्थायी कनेक्शन से पहले रहवासियों को यहां बिजली अधोसंरचना का काम पूरा करना होता है। कॉलोनी में काम के अनुसार प्रति उपभोक्ता राशि बनती है। उसके बाद ही कनेक्शन दिया जाएगा। स्थायी कनेक्शन की प्रक्रिया के लिए नोटिस दिए जा रहे हैं। राकेश त्रिपाठी, डीजीएम, साउथ डिविजन बिजली कंपनी
स्मार्ट मीटर के प्रति जागरूकता बढ़ाने विद्युत वितरण कंपनी ने विशेष अभियान शुरू किया है। ये 23 फरवरी तक चलेगा। एमडी बिजली कंपनी ऋषि गर्ग के अनुसार, इस दौरान उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से होने वाले लाभ, भुगतान सुविधा, रियल टाइम डेटा, खपत पर बेहतर नियंत्रण, सही एवं पारदर्शी बिल्डिंग, बेहतर सेवा के संबंध में व्यापक रूप से अवगत कराया जा रहा है। उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन में उपाय एप की डाउनलोडिंग एवं लाइव डेमोस्ट्रेशन किया जा रहा है।