
Bhopal Police :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में देर रात करीब 12 बजे हुई तेज बारिश के बीच 60 साल के बुजुर्ग की जान पर बन आई। शहर के हनुमानगंज थाना इलाके में स्थित पुट्ठा मिल अग्रवाल तिराहे के पास वे नाले में गिर गए। दलदली नाले में वे बुरी तरह फंस गए। पानी का तेज बहाव उन्हें बहाकर ले जाने लगा। इसी दौरान पेट्रोलिंग पर निकली टीम ने उनकी आवाज सुनी और बिना समय गंवाए रेस्क्यू शुरू कर बुजुर्ग को बचाया। नाले से बाहर निकालने के बाद आरक्षकों ने सीपीआर देकर उनकी जान बचा ली। फिलहाल, बुजुर्ग को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बता दें कि, हनुमानगंज थाना चार्ली-2/1 पर तैनात आरक्षक मोहित शिवहरे और राजेंद्र रघुवंशी देर रात पेट्रोलिंग पर थे। तभी नाले से बचाओ-बचाओ.. की आवाज सुनाई दी। देखा तो सिर पर चोट लगने के बाद नाले में वृद्ध गिरा था। बुजुर्ग पीली मिट्टी के दलदल में धंसा हुआ था। आरक्षक मोहित तुरंत नाले में उतर गए, वृद्ध का हाथ पकड़कर पानी के बहाव में बहने से रोका। इसी बीच आरक्षक राजेंद्र रात्रि अधिकारी एसआई रामसजीवन और एफआरवी स्टाफ ने एक साथ पकड़कर हाथों की चेन बनाई। फिर आरक्षक मोहित का हाथ पकड़कर खींचा। इसी के साथ मोहित ने वृद्ध को खींचकर निकाल लिया।
जबतक बुजुर्ग को नाले से बाहर निकाला जा सका, तब तक उनकी हालत गंभीर हो चुकी थी। वे बेहोश थे। आरक्षक मोहित ने मौके पर ही बिना समय गवाए उन्हें सीपीआर दिया। इसके बाद वृद्ध को होश आया। उनकी हालत में सुधार देखते हुए तत्काल पुलिस टीम उन्हें लेकर हमीदिया अस्पताल पहुंची, जहां बुजुर्ग को भर्ती कराया। इधर, डाक्टरों ने भी बुजुर्ग को तत्काल ऑब्जर्वेशन में लेते हुए इलाज शुरु किया। फिलहाल, चिकित्सकों का कहना है कि, बुजुर्ग की हालत खतरे से बाहर है।
थाने की चार्ली-2/1 पर तैनात आरक्षक मोहित शिवहरे और राजेंद्र रघुवंशी छोला रोड इलाके पर थाना क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान पुट्ठा मिल, अग्रवाल तिराहा के पास नाले से "बचाओ-बचाओ" की आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुंचने पर पुलिसकर्मियों ने देखा कि, एक अज्ञात बुजुर्ग नाले में बुरी तरह फंसा है, पानी के बहाव में बह रहा है। उन्होंने करीब से देखा तो बुजुर्ग के सिर में चोट भी लगी थी। संभवत: बारिश में फिसलन के कारण गिरने से उन्हें चोट आई होगी और इसी दौरान वो नाले में गिरें हों।
लगातार बारिश के कारण नाले में पानी का बहाव तेज था। बुजुर्ग पीली मिट्टी के दलदल में बुरी तरह धंस चुका था और तेज बहाव उसे आगे बने संकरे पुल की ओर बहाकर ले जा रहा था। अगर समय रहते पुलिस की गश्ती टीम की उसपर नजर न पड़ती तो संभवत वो आगे जाकर पुलिया के नीचे फंस जाता, जहां संभवत: उसकी जान बच पाना भी असंभव थी। ऐसे में पुलिस की सक्रीयता और तत्परता से एक जान बच सकी है।