कभी दिखे एलियन, कहीं मुर्दा हुआ जिंदा, ये रही 2016 की शॉकिंग न्यूज

गुजरते साल में ऐसी कई खबरें सामने आई, जिन्होंने लोगों को चौंका दिया। इनमें से कई खबरें 'भीड़' की मौजूदगी के चलते बनी तो कई घटनाएं इनमें ऐसी भी थी जिन्हें पढ़कर यकीन करना मुश्किल था।

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Dec 26, 2016
2016 shocking news
भोपाल. गुजरते साल में ऐसी कई खबरें सामने आई, जिन्होंने लोगों को चौंका दिया। इनमें से कई खबरें 'भीड़' की मौजूदगी के चलते बनी तो कई घटनाएं इनमें ऐसी भी थी जिन्हें पढ़कर यकीन करना मुश्किल था। 2016 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के चाचा, जिनके अंतिम संस्कार की तैयारी कर दी गयी थी अचानक जिंदा हो उठे!

इस खबर पर लोगों को यकीन करना जरा मुश्किल था, लेकिन ऐसा हुआ। ऐसे ही एक और शख्स जिसे डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया था अचानक 15 घंटे बाद अंतिम संस्कार की क्रिया के दौरान गंगा जल पिलाते ही जी उठा। इस रिपोर्ट में हम 2016 की ऐसी ही खबरें आपको बता रहे हैं जिन्हें पढ़कर पाठक चौंक गए....

ऐसी खबरें बहुत ही कम सुनने को आती हैं, जब इंसान मरने के बाद जिंदा हो जाता है। पर खबरें सच भी होती हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के चाचा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। इसी साल 18 मार्च को मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती शिवराज सिंह के चाचा पोहप सिंह को डॉक्टरों ने शुक्रवार को मृत घोषित कर दिया था और इसके अगले ही दिन उनके शव को भोपाल लाने की तैयारी हो गई थी।

स्टेट हैंगर पर तमाम व्यवस्थाएं कर ली गई थीं। फिर 19 मार्च को खबर आती है कि पोहप सिंह जिंदा हैं और उनकी सांसें चल रही है। मुंबई के डाक्टरों ने बताया कि जब पोहप सिंह का वेंटिलेटर हटाया गया उसके करीब आधे घंटे बाद पोहप सिंह की धड़कने आ गई और उनकी सांसे चलने लगीं। डाक्टर भी हैरान थे कि आखिर ऐसा हुआ कैसे।

deadbody

इसी साल 10 मई को ऐसी ही एक और मेडिकल साइंस को चुनौती देती एक घटना में 15 घंटे के बाद मुर्दा उठकर बैठ गया। इस घटना में सबसे दिलचस्प बात ये थी कि मृतक हत्या के मामले का गवाह था! अविश्वसनीय सी लगने वाली यह घटना रीवा जिले के जनेह थाना क्षेत्र अंतर्गत डोड़किया गांव की है।

दरअसल अपने पड़ोस की ही एक महिला की हत्या से 70 वर्षीय ददन पटेल इस कदर सदमे में डूबे कि कोमा में चले गए। परिजन उन्हें उपचार के लिए इलाहाबाद के एक निजी चिकित्सालय ले गए। यहाँ करीब 20 घंटे तक चले उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 11 मई को परिजन शव वाहन से देर शाम ददन का पार्थिव शरीर लेकर डोड़किया गांव पहुंचे।

रातभर ददन का शव घर के आंगन में रखा रहा। परिवार के सदस्य सहित पड़ोसी वहीं रतजगा करते रहे। करीब 15 घंटे बाद सुबह अंत्येष्टि की तैयारी करते हुए घर पर हिंदू विधि से मृतक के मुंह में सोन, तुलसी और गंगाजल डालने की परंपरा निभाई गई। ...और मुंह में जैसे ही गंगाजल डाला गया ददन को खांसी आने लगी। इससे वहां मौजूद सभी लोग हक्के-बक्के रह गए। इस घटना को डॉक्टर अब भी आश्चर्य बताते हैं।

ग्रामीण अंचलों में आज भी कई ऐसी घटनाएं देखने को मिलती हैं, जो किसी को भी हैरत में डाल दें। मुरैना के पास स्थित खिरिया गांव में भी 2016 की शुरुआत में एक ऐसी ही घटना देखने को मिली, जो सुनने-देखने में थोड़ी अजीब जरूर लगती है, लेकिन इस घटना ने ख़बरों में जगह बनाई।

खिरिया गांव इस घटना के चलते तकरीबन 15 दिनों तक आसपास के इलाके में चर्चा का विषय बना रहा। वजह बनी मृत सर्प के पास बैठी नागिन! दरअसल गांव के लोगों ने एक नाग को मार दिया था। हैरतंगेज बात ये है कि इसके तुरंत बाद ही वहां एक दूसरा सर्प आया और मृत नाग के सम्मुख बैठ गया। ये घटना इतनी ज्यादा चर्चाओं में आई कि गाँव में मेले जैसा नजारा हो गया। 15 दिनों तक एक मृत सांप के पास बैठे दुसरा सांप मर गया और इसके बाद उसे भी मृत सर्प के साथ पूरे रीति-रिवाज के साथ जला दिया गया है।

naag naagin

नागिन ने नाग की चिता की परिक्रमा देकर प्राण त्यागे, इस तरह की बातें ग्रामीणों में कौतुहल का विषय बनी रही। नागिन के प्राण त्याग करने के बाद नागिन को भी नाग के साथ ही एक ही चिता में जलाया गया। इससे पहले ग्रामीणों ने सर्प को भागने के भी तमाम प्रयास किए, लेकिन जब सर्प नहीं हटा तो मारे गए नाग की मुक्ति के लिए ग्रामीणों ने गीता पाठ शुरू करवा दिया।

मध्यप्रदेश के ही गुना जिले में 4 अगस्त को एक अजीब सा वाक्य अचानक चर्चाओं में आ गया। जोहरीपुरा गांव से 6 किमी दूर मृगवास में अचानक लोगों का ताँता लग गया और इसकी वजह बनी एक लड़की जो खुद के नागिन होने का दावा कर रही थी। 19 साल की स्थानीय युवती ने ये दावा किया कि वो असल में नागिन है और उसे 20 साल पहले कुछ चरवाहों ने मार दिया था। युवती कभी भगवान शिव की पिंडी से लिपट जाती तो कभी जमीन पर रेंगने लगती!

युवती की हरकतें देख गाँव वालों ने भी उसे नागिन मानना शुरू कर दिया और पूजा पाठ शुरू कर दी। तांत्रिक के कहने पर हवन कराया गया। डेढ़ घंटे तक मंत्र पढ़े गए। आसपास के गांव के हजारों लोग मौके पर जमा हुए। लड़की ने कहा कि उसका नाग पहाड़ी पर रहता था, जिसे चरवाहों ने 20 साल पहले मार दिया था।

girl turned into naagin

20 सितम्बर को मध्यप्रदेश के हरदा जिले से आई एक खबर से लोगों के बीच तरह-तरह की बातें होने लगी। खबर थी हनुमान जी की मूर्ति से निकलते आंसुओं की! दावा किया गया कि 36 घटों से भगवान हनुमान की आंखों से आंसू निकल रहे हैं! ऐसे दावे हालांकि कई दफा पहले भी हुए हैं, लेकिन आस्था के आगे भला किसका बस चला है। खबर आग की तरह फ़ैल गई।

इस घटना को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी-भरकम भीड़ उमड़ी हुई है। भगवान की मूर्ति से निकलते आंसुओं को भक्त अलग-अलग एंगल से देखने लगे थे। कुछ लोग इसे भगवान के खुशी के आंसू बता रहे थे तो कुछ लोग इसे भगवान के दुखी होने की बात कह रहे थे। खैर ये ऐसी घटना थी जो सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुई।

hanuman ji weeping

विश्व में कहीं न कहीं यूएफओ (UFO) देखे जाने की घटनाएं अक्सर सुनाई देती है। इस साल भोपाल में भी 23 मार्च को UFO दिखने की बात सामने आई, लेकिन हमेशा की ही तरह इस बात के भी कोई ठोस तथ्य सामने नहीं आए।

इस खबर के मुताबिक भोपाल की एक छात्रा ने आसमान में कोई चमकीली चीज़ देखने का दावा किया था। इसके बाद चर्चाओं का दौर शुरू हो गया कि आसमान में दिखने वाली वस्तु UFO थी। जबकि कई लोग इसे बेतुका बताते रहे। हैरानी की बात यह रही कि वह चमकती हुई चीज़ थोड़ी देर बाद ही गायब हो गई। छात्रा ने इसका फोटो खींचकर नासा को भी मेल किये, लेकिन इस मामले में आगे क्या हुआ..इसकी जानकारी फिर नहीं मिल पाई।

alien

ये खबर राजधानी भोपाल से 16 मार्च को सामने आई। लड्डू गोपाल की इस मूर्ति को देखने कई लोग पहुंचे। लोगों का मानना था कि उन्होंने इस मूर्ति का आकार बढ़ते हुए देखा है। इतना ही नहीं इस मूर्ति को बच्चे की तरह दुलार दे रहे लोगों ने बताया कि यह लड्डू गोपाल अनोखे हैं! बच्चे की तरह सुबह-सुबह दूध उगल देते हैं और बढ़ों की तरह चाय सुड़क कर पी जाते हैं। इसी तरह की और भी कई साड़ी बातें कही गयी, जिससे लोगों की उत्सुकता मूर्ति को लेकर कई गुना बढ़ गई।

भोपाल के ईश्वर नगर में लड्डू गोपाल की यह मूर्ति मेहमान बनकर आई थी। लोगों के मुताबिक यह चमत्कारिक प्रतिमा है। लड्डू गोपाल का आकर्षण इतना था कि इन्हें घर ले जाने वालों की तांता लगा रहा। लड्डू गोपाल को पालने में झुलाने के लिए भी लोगों की भीड़ लग गई। कांग्रेस नेता ठाकुर ईश्वर सिंह चौहान मूर्ति को अपने निवास पर तक ले गए।

ladoo gopal
Published on:
26 Dec 2016 06:20 pm
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