mp airport news मध्यप्रदेश में एक और बड़ा एयरपोर्ट बनाया जाएगा। नए हवाई अड्डे के निर्माण के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण यानि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया एएआई ने कवायद चालू कर दी है।
मध्यप्रदेश में एक और बड़ा एयरपोर्ट बनाया जाएगा। नए हवाई अड्डे के निर्माण के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण यानि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया एएआई ने कवायद चालू कर दी है। एयरपोर्ट निर्माण के लिए प्रदेश के आधा दर्जन शहरों के नाम हैं। इनमें से एक छिंदवाड़ा chhindwara airport में एएआई का सर्वे भी हो रहा है लेकिन यहां जमीन की कमी आड़े आ रही है। ऐसे में छिंदवाड़ा chhindwara airport के किसी पड़ोसी शहर को ये सौगात मिलने की संभावना जताई जा रही है। इनमें मंडला का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है।
2019 में प्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने छिंदवाड़ा में एयरपोर्ट के लिए जमीन चिह्नित की थी। तब इमलीखेड़ा हवाई पट्टी के पास एयरपोर्ट बनाने के लिए कवायद चालू की गई थी लेकिन बाद में यह प्रोजेक्ट खटाई में पड़ गया। अब छिंदवाड़ा में प्रस्तावित एयरपोर्ट को लेकर फिर सर्वे शुरू किया गया है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया एएआई की टीम ने सर्वे का काम शुरु किया। एएआई के सीनियर मैनेज़र कमलेश सूर्यवंशी के अनुसार सर्वे के दौरान यहां एयरपोर्ट निर्माण की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। भविष्य को ध्यान में रखते हुए और एयरपोर्ट निर्माण के लिए सभी तय मापदंडों के आधार पर यह सर्वे किया है।
छिंदवाड़ा में भले ही सर्वे चालू हो गया लेकिन यहां एयरपोर्ट के लिए पर्याप्त जमीन की कमी बताई जा रही है। नए एयरपोर्ट के लिए मंडला, बैतूल और सिवनी सहित करीब आधा दर्जन शहरों के नाम भी दौड़ में शामिल है। यहां भी जल्द सर्वे किए जाने की बात कही जा रही है।
राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार छिंदवाड़ा में जमीन की कमी के कारण एयरपोर्ट बनने की संभावना कम है। यहां अभी हवाई पट्टी है। एयरपोर्ट के लिए छिंदवाड़ा के पड़ोसी जिले मंडला का दावा सबसे मजबूत बताया जा रहा है।
प्रदेश के जिन आधा दर्जन शहरों में एयरपोर्ट निर्माण की बात कही जा रही है उनमें से किसी एक का नाम फाइनल होगा। एएआई की रिपोर्ट के आधार पर ही यह नाम तय होगा।बता दें कि एएआई यानि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत काम करने वाला एक वैधानिक निकाय है। भारत में नागरिक उड्डयन अवसंरचना के निर्माण, उन्नयन, रखरखाव और प्रबंधन की जिम्मेदारी एएआई की ही है।