DR- गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने अपने पेंशनर्स को अतिरिक्त महंगाई राहत स्वीकृत की, श्रमिक वर्ग कल्याण के लिए बहुमंजिला एलआईजी और ईडब्ल्यूएस आवास होंगे निर्मित
DR- मध्यप्रदेश में हजारों पेंशनर्स को बड़ी सौगात मिली है। मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने अपने पेंशनर्स को अतिरिक्त महंगाई राहत स्वीकृत की है। प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में मंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की समीक्षा बैठक में मंत्री ने प्रदेश के चहुंमुखी विकास और मध्यम व निर्धन वर्ग के लिए सुलभ आवास उपलब्ध कराने की दिशा में भी अहम निर्णय लिए। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता न केवल आवास उपलब्ध कराना है, बल्कि आधुनिकता और पर्यावरण संरक्षण के सामंजस्य के साथ नागरिकों के जीवन स्तर को उन्नत करना भी है।
प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों के पास 5 हजार एलआईजी और ईडब्ल्यूएस आवासों का निर्माण किया जाएगा। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विशेष रूप से श्रमिक वर्ग के हितों को रेखांकित करते हुए इसके निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन आवासों को तीन से चार मंजिला स्वरूप में निर्मित किया जाए जिससे सीमित भूमि का अधिकतम और प्रभावी उपयोग हो सके। मंत्री विजयवर्गीय ने निर्माण कार्यों में उच्च स्तरीय गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों के पास आवास होने से कर्मचारी वर्ग के समय और संसाधनों की बचत होगी, जिससे उनकी कार्यक्षमता और जीवन स्तर में सुधार आएगा।
भोपाल में संचालित महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने 'सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट' सहित नवीन कलेक्ट्रेट एवं कमिश्नर भवनों के निर्माण को लेकर विशेष दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये सभी नवीन भवन भविष्य की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए बनाए जाएं। इन भवनों में अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ ग्रीन बिल्डिंग मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए, जिससे ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संतुलन बना रहे।
बैठक में कर्मचारी हितैषी निर्णय लिए गए। मंडल के पेंशनर्स एवं परिवार पेंशनर्स को अतिरिक्त महंगाई राहत स्वीकृत की गई। पेंशनर्स के लिए सातवें वेतनमान के अंतर्गत 2 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई राहत मंजूर की गई है। इसके साथ ही, पारदर्शिता और व्यवस्थाओं के सरलीकरण के लिए एक बड़ा कदम उठाया हुए। इसके अंतर्गत मंडल की आवासीय एवं व्यवसायिक संपत्तियों में मूल क्रेता के साथ अन्य नाम जोड़ने या विलोपित करने संबंधी पूर्ववर्ती परिपत्र को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का निर्णय लिया गया।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के पुनरीक्षित बजट को बैठक में सर्वसम्मति से अनुमोदन प्रदान किया गया। मंडल की वित्तीय सुदृढ़ता को अक्षुण्ण रखने के लिए आगामी वार्षिक बजट को भी अनुमोदित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, मंडल की आवासीय पुनर्विकास योजना तथा सुराज योजना के वार्षिक कार्यक्रमों को सम्मिलित करने की भी स्वीकृति दी गई, जिससे प्रदेश के शहरी अधोसंरचना को नई गति मिलेगी। बैठक में अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, मंडल आयुक्त गौतम सिंह, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी तृप्ति श्रीवास्तव, अपर आयुक्त महेन्द्र सिंह सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।