MP Congress: लोकसभा और विधान सभा चुनावों में लगातार हार के बाद एमपी में कांग्रेस की बड़ी तैयारी, आदिवासी युवाओं के साथ मिलकर नई रणनीति के साथ की नई पहल...
MP Congress: लोकसभा और विधान सभा चुनावों में लगातार हार के बाद मध्य प्रदेश में कांग्रेस बड़ी तैयारी कर रही है। मध्य प्रदेश कांग्रेस एक बार फिर अपने संगठन को मजबूत करने में जुट गई है। इसकी शुरुआत कांग्रेस आदिवासी वर्ग के साथ जुड़कर करने जा रही है।
दरअसल नई रणनीतियों के साथ खुद को मजबूत करने में जुटी कांग्रेस ने अब अपने कोर वोटर्स को वापस जोड़ने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। इसके तहत एमपी कांग्रेस पहली बार आदिवासी युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए आवासीय ट्रेनिंग कैंप लगाने जा रही है। 19 फरवरी से एमपी के धार जिले में कांग्रेस का यह प्रशिक्षण शिविर लगाया जाएगा। धार के मोहनखेड़ा में आदिवासी युवाओं को 25 फरवरी तक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
ये प्रशिक्षण शिविर कांग्रेस का आदिवासी लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम है। इस प्रोग्राम से जुड़ने के लिए एमपी के 88 आदिवासी ब्लॉक से आदिवासी युवा भोपाल पहुंचे। ये उन 120 युवाओं में शामिल हैं, जिन्हें एआईसीसी और एमपी कांग्रेस के ट्राइबल डिपार्टमेंट के पदाधिकारियों ने बकायदा इंटरव्यू लेकर चयनित किया गया है। अब इन्हें 19 फरवरी से 25 फरवरी तक सात दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पार्टी ने तय किया है कि हर जिले में ऐसे कार्यकर्ताओं को चुना गया है जो सामाजिक रूप से एक्टिव रहते हैं। इन्हें राष्ट्रीय और प्रदेश के पदाधिकारी प्रशिक्षण देंगे। ये इन आदिवासी युवा कार्यकर्ताओं को सिखाएंगे कि वे पार्टी के हित में कैसे काम कर सकते हैं। किसी भी विषय को मजबूती से ऐसे उठाएं कि लोग उससे जुड़ाव महसूस कर सकें, उन्हें इस बात का अहसास दिलाएं कि पार्टी उनके हितों और अधिकारियों को लेकर कितनी संवेदशील है। समाज के ऐसे लोगों से संपर्क बढ़ाएं जो गैर राजनीतिक कार्यकर्ता हैं। प्रबुद्ध वर्ग को साथ लेकर काम करें।
कांग्रेस अब जिला स्तर पर बड़े आयोजन करने के बजाय छोटे-छोटे समूह में संवाद की रणनीति बना चुकी है। ब्लॉक और विधान सभा मुख्यालय स्तर पर कार्यक्रम होंगे। प्रशिक्षित कार्यकर्ता समाज के लोगों की गेट टुगेदर करेगी, इन समूह में उनके साथ चर्चा की जाएगी।
प्रदेश कांग्रेस की नई पहल शुरू हो चुकी है। हर वर्ग से अब ऐसे चुनिंदा कार्यकर्ताओं को चुना जाएगा, जिन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी, ये वे युवा कार्यकर्ता होंगे जो सामाजिक रूप से एक्टिव रहते हैं। ऐसे युवा पार्टी और समाज के बीच सेतु का काम करेंगे।
डॉ. विक्रांत भूरिया, झाबुआ विधायक