Farm loan waiver- कृषि मंत्री एदलसिंह कंसाना का कर्जमाफी से इंकार, कहा कि हमने इसका वादा नहीं किया
Farm loan waiver- मध्यप्रदेश में किसानों की हालत खराब है। आर्थिक तंगी के चलते पिछले तीन माह में 9 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। किसानों पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ते ही जा रहा है। राज्य सरकार से कर्जमाफी की उम्मीद की जा रही है। अनेक किसान संगठन इसकी मांग कर चुके हैं। हालांकि राज्य के कृषि मंत्री के बयान से ऐसे किसानों को निराशा हो सकती है। उन्होंने कर्जमाफी से साफ इंकार कर दिया है। कृषि मंत्री ने बीजेपी के घोषणापत्र का हवाला देते हुए कहा कि हमने इसका वादा नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में कर्जमाफी का वादा किया लेकिन इसे पूरा नहीं किया जिसके कारण कमलनाथ सरकार गिर गई।
कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने प्रदेश सरकार के दो साल पूरे होने पर अपने विभाग की उपलब्धियां बताईं। राजधानी भोपाल में जनसंपर्क संचालनालय के सभागार में इसके लिए बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। यहां मंत्री कंसाना ने कहा कि मध्यप्रदेश आज देश के अग्रणी कृषि राज्यों में शामिल है। सोयाबीन एवं मक्का के उत्पादन में प्रदेश का देश में पहला स्थान है। गेहूं, उड़द, मसूर, चना, सरसों, कुल तिलहन, कुल दलहन, कुल अनाज और मोटा अनाज में एमपी का देश में दूसरा स्थान है।
कृषि मंत्री एदलसिंह कंषाना ने कहा कि वर्ष 2002-2003 में सिंचाई का रकबा करीब साढ़े सात लाख हेक्टेयर था जोकि 2024-25 में 55 लाख हेक्टेयर से अधिक हो चुका है। उन्होने बताया कि आगामी 3 वर्षों में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 65 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य है। उन्होंने प्रदेश में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की भी बात कही।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कृषि मंत्री एदलसिंह कंसाना से किसान कर्जमाफी पर सीधा सवाल पूछा गया। उनसे पूछा कि आपने किसान कर्जमाफी योजना का जिक्र नहीं किया? क्या योजना बंद कर दी गई है? इस पर कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने सपाट स्वरों में जवाब देते हुए इससे साफ इंकार कर दिया। उन्होंने बीजेपी के घोषणापत्र का हवाला भी दिया।
कृषि मंत्री एदलसिंह कंसाना ने कहा- किसान कर्जमाफी की बात हमारे घोषणा पत्र में थी ही नहीं। ये बात कांग्रेस ने कही थी। कर्जमाफी के वादे पर कांग्रेस की सरकार भी बनी। कमलनाथ ने यह वादा पूरा नहीं किया तो सरकार चली भी गई थी…।