भोपाल

20 दिन पहले पकेगी-30 प्रतिशत ज्यादा होगा उत्पादन, किसानों को मालामाल बनाएंगी धान की ये किस्में

Paddy- देश के साथ ही मध्यप्रदेश के किसानों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह ने धान की नई किस्में लोकार्पित कीं हैं।

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May 04, 2025
एमपी में धान किसानों को 6 नवंबर तक पंजीयन करने की छूट

Paddy- देश के साथ ही मध्यप्रदेश के किसानों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह ने धान की नई किस्में लोकार्पित कीं हैं। नई दिल्ली में विश्व की पहली जीनोम-संपादित धान की दो किस्मों ‘DRR Dhan 100 (Kamala)’ और ‘Pusa Rice DST1’ का लोकार्पण किया गया है। उन्होंने इसे किसानों को आत्मनिर्भर तथा समृद्ध बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान ने इस मौके पर कहा कि आज भारतीय कृषि के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ा है। खास बात यह है कि नई किस्में कम समय में पकेंगी लेकिन इनकी पैदावार ज्यादा होगी यानि धान उत्पादक किसानों का समय और लागत बचेगी जबकि मुनाफा बढ़ जाएगा।

धान की नई किस्मों के बारे में दावा किया गया है कि ये दोनों 30 प्रतिशत अधिक उत्पादन देने में सक्षम हैं। इतना ही नहीं, ये किस्में 20 दिन पहले तैयार हो जाती हैं। इससे किसानों को अगली फसल की तैयारी के लिए जहां अतिरिक्त समय मिलेगा, वहीं उनकी आय में वृद्धि होगी और उत्पादन लागत में भी कमी आएगी।

धान की नई किस्मों के संबंध में ट्वीट भी किया

कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान ने धान की नई किस्मों के संबंध में ट्वीट भी किया। उन्होंने अपने एक्स हेंडल पर लिखा—

आज भारतीय कृषि के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ा है…

पूसा, नई दिल्ली में विश्व की पहली जीनोम-संपादित धान की दो किस्मों ‘DRR Dhan 100 (Kamala)’ और ‘Pusa Rice DST1’ का लोकार्पण किसानों को आत्मनिर्भर तथा समृद्ध बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodiजी के नेतृत्व में देश में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित करने, नवाचार को प्रोत्साहन देने और किसानों को सशक्त बनाने का सतत प्रयास किया जा रहा है।

धान की ये दोनों नई किस्में 30% अधिक उत्पादन देने में सक्षम हैं और 20 दिन पहले तैयार हो जाती हैं। इसका लाभ यह होगा कि किसानों को अगली फसल की तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और उत्पादन लागत में कमी आएगी।

यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारतीय कृषि को सतत विकास की ओर अग्रसर करने और किसानों को समृद्ध बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। कृषि और किसान के जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाने वाले इस नवाचार के लिए हमारे वैज्ञानिक साथियों का हार्दिक आभार एवं अभिनंदन।

Published on:
04 May 2025 07:53 pm
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