लोकसभा चुनावों में महायुति को तगड़ा झटका लगा, 48 में से केवल 17 सीट को लेकर निराश अजित पवार ने तुरंत मामा शिवराज सिंह चौहान को फोन लगाया। बातचीत में एमपी के पूर्व सीएम ने उन्हें ऐसा आइडिया दिया कि जिसने विधान सभा चुनाव ने इस महायुति को बंपर जीत दिलाई। जिसकी कहानी उस समय खुद अजित पवार ने सुनाई, क्या आप जानते हैं महाराष्ट्र में महायुति की जीत का ये रहस्य...
मामला ये था कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी चीफ अजित पवार ने कहा था कि लोकसभा चुनाव में महायुति गठबंधन को तगड़ा झटका लगने के बाद बेहद निराश थे। तब उन्हें याद आई एमपी के मामा…मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की। उन्होंने तुरंत उन्हें फोन लगाया और उनसे जाना एमपी में भाजपा की लगातार जीत का रहस्य। ये एक ऐसा राज था जिसे सुनकर अजित ने अपने राज्य में भी इसका ऐलान कर दिया। इस पर काम शुरू हुआ और नतीजा ये हुआ कि अगले विधानसभा चुनाव में अजित पवार की NCP ने भारी वोटों से बंपर जीत हासिल कर ली। इस राज को उन्होंने एक सार्वजनिक मंच से देशभर की राजनीति के मंच पर शेयर किया।
दरअसल उस समय शिवराज सिंह चौहान से बात करते समय अजित पवार से एमपी के लिए गेमचेंजर साबित हुई लाड़ली बहना योजना को लेकर सारी जानकारी मांगी थी। ताकि वे जान सकें कि एमपी में भाजपा की जीत का ये रहस्य कैसे काम कर गया। इसका आइडिया कैसे आया और वे इसे अपने राज्य में किस तरह लागू कर सकते हैं। जीत का ये रहस्य अजित पवार के मन में ऐसा समाया कि उन्होंने तुरंत विचार विमर्श करते हुए महाराष्ट्र में लड़कि बहिन योजना लॉन्च कर दी। यहां बताते चलें कि महाराष्ट्र से पहले ही एमपी में लाड़ली बहना योजना लॉन्च हो चुकी थी। बाद में इसे महाराष्ट्र ने लड़कि बहिन योजना के नाम से महाराष्ट्र में शुरु किया। तब अजित पवार ने कहा था…
'कोई भी वेलफेयर स्कीम सरकार का खर्च बढ़ाती है। हालांकि महाराष्ट्र ने विकास के साथ कभी समझौता नहीं किया।'
बता दें कि महाराष्ट्र में गरीब परिवार से जुड़ीं पात्र महिलाओं को हर महीने सरकार की ओर से 1500 रुपए दिए जाते हैं। इस योजना में आने वाला बड़ा खर्च विपक्ष के निशाने पर भी रहा, जिसकी वजह से महायुति आलोचना का शिकार होती रही। लेकिन तब भी अजित पवार ने विपक्ष को करारा जवाब देते हुए कहा था कि अब देश में महिलाओं को सीधे लाभ देना आम हो चला है। उन्होंने साफ कहा कि हाल ही में बिहार चुनाव हुए और उससे पहले महिलाओं के खातों में 10 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। सभी चाहते हैं कि उनके राज्य में भी ऐसी स्कीम चलाईं जाएं जो लोगों को सीधा लाभ देती हैं।
लोकसभा चुनावों में बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी के गठबंधन ने 48 में से केवल 17 सीटों पर ही जीत हासिल की थी। इसके बाद विधानसभा चुनाव में केवल पांच महीने के समय बचा था। बड़ी चुनौती थी कि वोटर बैंक को कैसे अपनी तरफ खींचा जाए। वहीं एमपी में तब तक लाड़ली बहना योजना लॉन्च हो चुकी थी। इस योजना ने उस समय एमपी बीजेपी को लोकप्रियता बढ़ाई थी। उस समय महायुति के अजित पवार को मामा शिवराज की याद आई। उन्होंने फोन किया और लाड़ली बहना योजना की सारी जानकारी ली। पवार ने कहा था कि इस जानकारी के बाद हमने प्रदेश में लड़कि बहिन योजना लॉन्च की। इसके साथ ही खेती के लिए इस्तेमाल होने वाले पंप सेट के लिए फ्री बिजली देने का ऐलान भी किया। इस योजना की वजह से खर्च में बड़ा बदलाव भी हमें करना पड़ा।
अजित पवार ने कहा कि जब कोई भी राज्य या देश इस तरह की योजनाएं शुरू करता है, तो इससे वहां का विकास प्रभावित होता है। हालांकि विकास जरूरी है। लेकिन ऐसे वेलफेयर कार्यों के लिए नया रास्ता निकाला जा सकता है। बता दें कि 2024 में एकनाथ शिंदे सरकार ने लड़की बहिन योजना लॉन्च की थी।
बता दें कि अजित पवार आज हमारे बीच नहीं हैं, 28 जनवरी को बारामती में लैंडिग के दौरान हुए विमान हादसे में उनकी मौत हो गई। जिसके बाद अब उनके जीवन के रोचक किस्से... जहन में ताजा हो रहे हैं। उन्हीं में से एक था शिवराज सिंह चौहान की लाड़ली बहना योजना और महाराष्ट्र की शिंदे सरकार का लड़की बहिन योजना का ये किस्सा, आपको कैसा लगा हमें कमेंट करके जरूर बताएं।