भोपाल

बड़ी खबर: अजाक्स नेता बोले सवर्णों को 15 फीसदी आरक्षण हम देंगे- Also see video

राजधानी में अजाक्स सम्मेलन, सरकार को दी सीधी चेतावनी...

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Sep 23, 2018
बड़ी खबर: अजाक्स नेता बोले सवर्णों को 15 फीसदी आरक्षण हम देंगे

भोपाल@जीतेंद्र चौरसिया की रिपोर्ट...
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार को भेल दशहरा मैदान में अजाक्स सम्मेलन कार्यक्रम हुआ। आरक्षण की मांग को लेकर जमा हुए अजाक्स के नेता व कार्यकर्ताओं के चलते सम्मेलन कार्यक्रम में भारी भीड़ देखने को मिली। सम्मेलन को संबोधित करते हुए अजाक्स नेता जीवन पटेल ने कहा कि हम 15 फीसदी आरक्षण सवर्णो को देगे तो 85 फीसदी आबादी तो हमारी हैं हमारा हक क्यों मार रहे हैं।

वही जगदीश सूर्यवंशी का कहना था कि हम भीख की तरह बहरी और गूंगी सरकार से अपना हक मांगते रहे हैं, लेकिन अब ये जन सैलाब सरकार के विरोध और हमारे हित में है। इस सरकार को अब हम पलट देंगे।

अब आपके दरवाजे नही आएंगे...
अजाक्स नेताओं ने सम्मेलन में कार्यकताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार के लोग सुन लें, अब हम आपके दरवाजे नही आएंगे। मुख्यमंत्री शिवराज ने एससी एक्ट को कमजोर किया है। नेताओं का कहना है कि तमिलनाडु में 80 फीसदी आरक्षण हैं। हम 85 फीसदी है तो हमारा हक क्यों मार रहे हो। इस सरकार को हम दोबारा नहीं आने देगें।

अब सत्ता अपने हाथ में लेंगे...
अजाक्स सम्मेलन में महेंद्र पाटीदार ने एससी एसटी एक्ट का विरोध कर रहे सवर्ण समाज के लोगों का विरोध किया। महेंद्र पाटीदार ने कहा कि जितनी संख्या भारी उतनी दो हिस्सेदारी। अब सत्ता हम अपने हाथ में लेंगे। किसी सवर्ण को वोट नहीं देने को कहा।

वहीं अरविंद मचंदर ने कहा कि अब ये सरकार बदलना है। 60 सालों का हिसाब लेना है। शिवराज गिरगिट जैसा रंग बदल रहे हैं, अब हमें इन्हें अपना रंग बताना है। वक्त बदलाव का है।

इन्हें पार्षद बनने लायक तक नहीं छोड़ेंगे...
दशहरा मैदान भेल में हुए इस अजाक्स सम्मेलन कार्यक्रम में अजाक्स नेताओं ने कहा कि मंत्री,विधायक तो क्या इन्हें पार्षद बनने लायक नही छोड़ेंगे।

मेहर समाज के राष्टीय अध्यक्ष जीपी मेहरा भी कार्यकताओं को संबोधित करते हुए कहा कि शोषण बहुत हुआ। सवर्ण हमेशा से आरक्षण खत्म करने की बात करते हैं। हमे सुरक्षा नही, अटैक करना है। अब किसी सवर्ण को वोट नहीं देना है। सवर्ण को अब हम बाहर करेंगे।

क्रांति का समय
आदिवासी नेता जगन सोलंकी ने कहा कि ये क्रांति का समय है। जय आदिवासी, जय ओबीसी। हम एक है और अब संघर्ष का वक्त है। अब हम हमारे अधिकारों से छेड़छाड़ करने वालों को उखाड़ फेंकेंगे।

आदिवासी छात्र संगठन कार्यवाहक अध्यक्ष गौरव सल्लाम का कहना है कि आरक्षण हटाने की मांग क्यों, हमारे पास अभी आरक्षित पद ही नहीं है। अभी भी नौकरी नहीं मिल रही।

ये हैं प्रमुख मांगें...
ओबीसी को एससीएसटी के समान लोक सभा, विधानसभा में 52 फीसदी आरक्षण मिले, आचार संहिता लागू होने से पहले बैकलॉग पदों को आवेदन लेकर मैरिट के आधार पर भरा जाए। ओबीसी को भी प्रमोशन एवं सीधी भर्ती में संख्या के अनुपात में आरक्षण दिया जाए।

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Updated on:
23 Sept 2018 06:21 pm
Published on:
23 Sept 2018 06:04 pm
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