Ladli Behna Yojana: चुनाव में भाजपा के लिए गेमचेंजर बनी लाड़ली बहना योजना के तहत अप्रैल में जमा होंगे 23वी किस्त के 1250 रुपए, लेकिन इससे पहले जानें आखिर क्या है लाड़ली बहना योजना पर खतरे की घंटी का मामला, क्या बंद हो जाएगी महिलाओं के लिए शुरू की गई ये स्कीम...?
Ladli Behna Yojana: चुनाव में भाजपा के लिए गेमचेंजर बनी लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) को लेकर कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार बहनों को धीरे-धीरे योजना से बाहर करना चाहती है। इसके लिए योजना में ‘लाभ परित्याग’ का विकल्प खोला गया है। कांग्रेस ने इसे योजना के लिए खतरे की घंटी बताया।
प्रदेश कांग्रेस (MP Congress) मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, प्रवक्ता मिथुन अहिरवार, अवनीश बुंदेला और आनंद जाट ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान प्रवक्ता घंटी लिए बैठे थे। खतरे की घंटी बताते हुए इन्होंने इसे बजाकर प्रेस कॉन्फ्रेंसशुरू की।
अहिरवार ने आशंका जताई कि जिस तरह एलपीजी सब्सिडी त्यागने का आह्वान भाजपा ने किया था और उसके बाद सब्सिडी बंद कर दी गई उसी तरह लाड़ली बहना योजना में अब ये विकल्प देकर सरकार एक करोड़ से ज्यादा बहनों के लाभ परित्याग का विकल्प प्रस्तुत करचुकी है।
अहिरवार ने स्वयं के द्वारा लगाई गई आरटीआई (RTI) की जानकारी दी। जिसमें मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत हुए पंजीयन और इस योजना में लाभार्थी की उम्र 18 वर्ष के स्थान पर 21 वर्ष करने की आदेश की कॉपी, लाड़ली बहना सेना की जानकारी भी मांगी, लेकिन जानकारी नहीं दी गई।
बता दें कि अप्रैल में लाड़ली बहना योजना की 23वीं किस्त पात्र महिलाओं के खातों में ट्रांसफऱ की जाएगी। वहीं हर महीने ऐसा हो रहा है कि ऐसी लाड़ली बहनाएं जिनकी उम्र इस महीने 60 पूरी हो गई है, तो ऐसी महिलाओं के योजना से नाम काटे जा रहे हैं। पात्र महिलाओं की संख्या लगातार कम हो रही है। लेकिन नये नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा रही। इधर एमपी की मोहन सरकार ने ये साफ कर दिया है कि लाड़ली बहना योजना बंद नहीं की जाएगी। लेकिन हर बार पैसे बढ़ाने की घोषणा को लेकर भी स्पष्ट कर दिया गया है कि फिलहाल योजना की राशि 1250 रुपए ही रहेगी, बढ़ाई नहीं जाएगी।