
Amit Shah was never in RSS: राज्यसभा में चर्चा के दौरान मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम और सांसद दिग्विजय सिंह ने चुनाव सुधारों पर चर्चा करते हुए तीखी बहस की। उन्होंने पीएम मोदी, अमित शाह और चुनाव आयोग पर जमकर हमला बोला, तो केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने कहा कि देश की गलियां सूनी हैं, इंदिरा गांधी खूनी हैं।
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा में अपना भाषण समाप्त करने से पहले संघ पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहली बात तो यह है कि RSS एनजीओ पंजीकृत है या नहीं है? नहीं है तो प्रधानमंत्री जी लाल किले से कहते हैं विश्व का सबसे ज्यादा लोकप्रिय एनजीओ आरएसएस है। उस पर कोई कानून लागू नहीं होता, क्योंकि पंजीकृत नहीं है, ना तो उसकी सदस्यता है। ये तो वही बात हो गई ना, खाता ना बही, जो मोदी जी कहें वही सही। अमित शाह कहें वही सही।
दिग्विजय सिंह यहीं नहीं रूके उन्होंने आरएसएस के फंड पर कहा कि उनकी(RSS) गुरु दक्षिणा करोड़ों रुपए में आती है। इसके बाद उन्होंने भाजपा सांसद घनश्याम तिवारी की ओर मुंह मोड़ा और कहा कि आप बताइए आप गुरु दक्षिणा देते हैं तो वह किस खाते में जाती है? कभी पूछा आपने?
राज्यसभा में दिग्विजय सिंह ने कहा कि अमित शाह ने कहा था कि हम गर्व से कहते हैं, नरेंद्र मोदी संघ के प्रचारक रहे हैं और उन्होंने खुद के लिए कहा कि वे भी 10 साल की उम्र से शाखाओं में जाते थे। आगे दिग्विजय सिंह ने 'मेरे भी कई मित्र आरएसएस में हैं। मैंने पता लगाया और उनसे जानकारी ली तो पता चला कि अमित शाह कभी आरएसएस में रहे या नहीं? सब ने कहा कि कभी आरएसएस में रहे ही नहीं।'
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने दिग्विजय सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि अमित शाह जी ने संसद में कहा था कि मैं इक्कीस साल की उम्र से नारा लगाता रहा हूं कि देश की गलियां सूनी हैं, इंदिरा गांधी खूनी हैं। संघ की जहां तक बात है तो जो व्यक्ति एक बार शाखा में ध्वज प्रणाम कर लेता है, वो संघ का सदस्य होता है। उन्होंने(अमित शाह) यही कहा।