MP farmers- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि पांच किसान मित्र योजनाओं को अगले 5 सालों तक निरंतर रखने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आमूल-चूल सुधार होगा
MP Farmers- मध्यप्रदेश में किसानों पर राज्य सरकार पूरी तरह मेहरबान है। सरकार ने किसानों के लिए मानो पिटारा खोल दिया है। राज्य कैबिनेट ने किसान कल्याण के लिए 10520 करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इसके अंतर्गत 5 प्रोजेक्ट शामिल हैं। सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए इन्हें अगले पांच साल के लिए निरंतर जारी रखने की स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में अन्य अहम फैसले भी लिए गए। प्रदेश के विख्यात भगोरिया पर्व पर भी राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया। इसे अब राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाएगा।
मंगलवार को मध्यप्रदेश सरकार की मंत्रि-परिषद् की बैठक में किसानों एवं कृषि से सम्बद्ध क्षेत्रों के विकास के लिए करीब 10500 करोड़ रुपए की लागत के पांच किसान हितैषी प्रोजेक्ट को अगले पांच साल तक चलाने की मंजूरी दी। सीएम मोहन यादव ने बताया कि अब ये पांचों योजनाएं 31 मार्च 2031 तक जारी रहेंगी। मध्यप्रदेश के किसानों को इससे खासा लाभ मिलेगा।
आज की कैबिनेट बैठक मुख्यत: किसानों को ही समर्पित रही। प्रदेश सरकार ने दलहन फसल उड़द और तिलहन फसल सरसों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए भी बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने उड़द की समर्थन मूल्य पर खरीदी करने के साथ ही किसानों को 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस राशि भी देने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हम सरसों को भी भावांतर योजना के दायरे में ला रहे हैं। प्रदेश में सरसों का उत्पादन इस वर्ष 28 प्रतिशत तक बढ़ गया है। इस वर्ष 3.38 मीट्रिक टन सरसों होने का अनुमान है।
मंत्रि-परिषद की बैठक में जिन पांच किसान हितैषी प्रोजेक्ट को 31 मार्च 2031 तक जारी रखने का निर्णय लिया है, उनमें निम्न योजनाएं शामिल हैं…
2008.683 करोड़ रुपए की इस योजना से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र की विकास के लिए आवश्यक संसाधनों की पूर्ति की जा सकेगी।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पर ड्रॉप मोर क्रॉप)
2393.97 करोड़ रुपए की इस योजना में किसानों को खेतों में स्प्रिंकलर/ड्रिप इरीगेशन सिस्टम लगाने के लिए अनुदान मिलेगा।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन योजना
3285.49 करोड़ रुपए की यह योजना धान, गेहूं, दलहन, मोटा अनाज या अन्य नगदी फसलों के उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को आवश्यक सहयोग देगी।
1011.59 करोड़ रुपए की योजना है जोकि प्रदेश में प्राकृतिक खेती के क्षेत्रफल में विस्तार के लिए चलाई जा रही है।
राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – ऑयल सीड योजना
1793.87 करोड़ रुपए की इस योजना से तिलहन उत्पादक किसानों को लाभ प्राप्त होगा।