भोपाल में एक फ़ोन नंबर का खौफ, पासवर्ड पूछकर कर देता है बैंक अकाउंट खाली

साइबर सेल एटीएम से ठगी करने वाले गिरोह को पकडऩे में पूरी तरह नाकाम रही है। नतीजतन साइबर सेल ऐसी शिकायतों पर मामला ही दर्ज नहीं कर रही।

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Jan 18, 2017
fake call
भोपाल.
साइबर दुनिया के लुटेरों ने मोबाइल फोन से पासवर्ड पूछकर भोपाल में पिछले डेढ़ माह में एक दर्जन से ज्यादा लोगों के खाते खाली कर दिए। मामला पुलिस की साइबर सेल में पहुंचा, शिकायत को फाइल में नत्थी कर दिया गया, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। फरियादियों ने दोबारा दरख्वास्त लगाई तो टरका दिया गया। पुलिस में गुहार की खबर जैसे-तैसे लुटेरों तक पहुंच गई। इसके बाद लुटेरों ने ज्यादा पैरवी करने वाले तीन फरियादियों को धमकाना शुरू कर दिया है। धमकी उसी मोबाइल नंबर से मिल रही है, जिस नंबर से पासवर्ड पूछा गया था। डरे-सहमे फरियादी फिर पुलिस के पास पहुंचे तो बताया गया कि नंबर को सर्विलांस पर डाल दिया है, जल्द ही अपराधियों का सुराग मिल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। अब पुलिस का कहना है, सर्विलांस से नंबर ट्रैस करने में तकलीफ है, दूसरी तरकीब से दबोचा जाएगा।




डेढ़ महीने में वारदात
चौकसे नगर निवासी 55 वर्षीय राजेन्द्र सैनी टमाटर के थोक कारोबारी हैं। 3 जनवरी की दोपहर उनके बेटे रोहित से जालसाज ने बैंक अफसर बनकर एटीएम का पासवर्ड पूछ लिया, इसके बाद उनके बैंक एकाउंट से 84 हजार रुपए की ऑनलाइन खरीदी कर ली। जब सैनी ने जालसाज के मोबाइल (9576599963, 8877490398) पर फोन किया तो जालसाज ने उनका पहले मजाक उड़ाया इसके बाद उन्हें अब तक धमकी मिल रही है। दूसरी घटना 30 दिसंबर कोहेफिजा कॉलोनी निवासी ओमप्रकाश नामदेव के दामाद रामचंद्र के साथ हुई। जालसाल अन्य लोगों के साथ भी वारदात कर चुके हैं।




मोर्चा संभालने वालों को धमकी
वारदात की शिकायत करने वाले दर्जनों लोगों में इन तीन ने पुलिसिया रवैये से त्रस्त होकर खुद पड़ताल करना चाहा तो उन्हें धमकी मिलने लगी। एक दिन ओमप्रकाश को फोन पर धमकी मिली कि पुलिस में दोबारा गए या ज्यादा खोजने की कोशिश की तो मुश्किल में फंस जाओगे। जब ओमप्रकाश ने नंबर की पड़ताल किया तो यह धमकी उसी नंबर से मिली थी, जिस नंबर से एटीएम का सीवीसी नंबर पूछा गया था। जब ओमप्रकाश शिकायत करने साइबर सेल पहुंचे तो मालूम हुआ कि उनके जैसे ही कई लोग जालसाजों का शिकार हुए हैं। इसी तरह राजेन्द्र सैनी व राकेश सिंह को भी इसी प्रकार धमकी मिली है।


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नाकामी छिपाने नहीं दर्ज होते मामले
साइबर सेल एटीएम से ठगी करने वाले गिरोह को पकडऩे में पूरी तरह नाकाम रही है। नतीजतन साइबर सेल ऐसी शिकायतों पर मामला ही दर्ज नहीं कर रही। नतीजतन पुलिस को जालसाजों को पकडऩे का दबाव नहीं रहता, वहीं प्रदेश में साइबर अपराधों का ग्राफ भी कम दिखाई पड़ता है।


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कैसे और कब?... इसका जवाब देने से साइबर सेल को परहेज है।
वक्त गुजर गया, लेकिन कोई पकड़ा नहीं गया। दूसरी तरफ धमकी का सिलसिला जारी रहा। फरियादियों को यदि ऐसी धमकी मिल रही है तो वे जालसाजों के फोन नंबर साइबर सेल को उपलब्ध कराएं। पुलिस अपराधियों पर कार्रवाई करेगी।
रविकांत डेहरिया, निरीक्षक, साइबर सेल
Published on:
18 Jan 2017 09:48 am
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