भोपाल

11 घंटों का सफर महज 6 घंटों में पूरा कर देगा तीन राज्यों को जोड़नेवाला यह एक्सप्रेस वे

Atal Progress Way- मप्र के तीन जिलों को कवर करते हुए कोटा से इटावा तक बनना प्रस्तावित है अटल प्रोग्रेस वे

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Jan 03, 2026
अटल प्रोग्रेस वे की फिर शुरु हुई प्रक्रिया- Demo Pic

Atal Progress Way- मध्यप्रदेश में महत्वाकांक्षी अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना पर एक बार फिर चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसके संबंध में शनिवार को अधिकारियों को अहम दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अटल प्रोग्रेस-वे से चंबल क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। तीन राज्यों को जोड़ने वाला यह प्रोजेक्ट अभी एलाइनमेंट के पेंच में फंसा है। करीब ढाई साल से प्रगति ठप है जिससे किसानों और संबंधित जिलों के लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी है। अटल प्रोग्रेस-वे राजस्थान में कोटा जिले के सीमाल्या गांव के पास मुंबई-बड़ोदरा एनएच- 27 से शुरू होकर मप्र के तीन जिलों को कवर करते हुए उत्तरप्रदेश के इटावा जिले में निनावा तक बनना प्रस्तावित है। इसके निर्माण से एमपी के भिंड, एमपी के इटावा और राजस्थान के कोटा के बीच सफर करनेवालों को सीधा, सुगम और शॉर्टकट रास्ता मिल जाएगा। यात्रा के समय में करीब 5 घंटे बचेंगे।

कुल 404 किमी लंबा अटल प्रोग्रेस-वे भारतमाला परियोजना में शामिल है। मप्र में 313.81 किमी, राजस्थान में 72 किमी एवं यूपी में 22.96 किमी का निर्माण होना है। अटल प्रोग्रेस वे की प्रारंभिक लागत करीब 6 हजार करोड़ रुपए की थी जोकि अब 23 हजार 645 करोड़ रुपए तक जा पहुंची है। खेतों से होकर प्रोगेस वे निर्माण पर वन विभाग की 454.51 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है।

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अटल प्रोग्रेस-वे में भिंड जिले की 29 ग्राम पंचायतों, दो जनपदों के 41 गांव प्रभावित हो रहे हैं। एक्सप्रेस वे श्योपुर के 57 गांवों से होकर जाएगा। जिले की सीमा में करीब 95 किलोमीटर की लंबाई प्रस्तावित है। अटल प्रोग्रेस वे के लिए श्योपुर जिले में कुल 598.321 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण होनी थी। इसमें 90.878 हेक्टेयर सरकारी और 507.443 हेक्टेयर निजी जमीन है। एक्सप्रेस-वे निर्माण से श्योपुर जिले को बेहतर कनेक्टिविटी की उमीद है। यह न केवल मुरैना-भिंड से सीधे जोड़ेगा, बल्कि कोटा राजस्थान की ओर श्योपुर जिले को दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेस-वे तक का भी सफर आसान करेगा।

11 घंटे की यात्रा महज 6 घंटे में पूरी होगी

अटल एक्सप्रेस वे से यूपी के इटावा से एमपी के भिण्ड, मुरैना होकर राजस्थान के कोटा तक सीधा 4 लेन मार्ग बनाया जाएगा। इससे कोटा तक की 11 घंटे की यात्रा महज 6 घंटे में पूरी हो सकेगी। यानि यात्रा के समय में पूरे 5 घंटे बच सकेंगे।

अटल प्रोग्रेस-वे के लिए भिंड, मुरैना और श्योपुर जिलों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई लेकिन तीनों जिलों के किसानों ने खेतों से होकर रोड निर्माण के प्रस्ताव का विरोध किया। इसपर मार्च 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और तत्कालीन केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने खेतों की बजाए बीहड़ों से होकर दोबारा एलाइनमेंट कराने की घोषणा की। हालांकि इसके बाद से प्रोग्रेस वे की प्रक्रिया ठप पड़ी है।

मुख्यमंत्री निवास में अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना पर बैठक हुई। यहां सीएम डॉ. मोहन यादव ने किसानों और क्षेत्रीय निवासियों की सहमति और संतुष्टि अनुसार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना को जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए।

सीएम मोहन यादव ने कहा कि अटल प्रोग्रेस वे से चंबल क्षेत्र के विकास को खासी गति मिलेगी। इस मार्ग से मुरैना, श्योपुर और भिंड जिले, राजस्थान से निकल रहे दिल्ली-वड़ोदरा एक्सप्रेस-वे और उत्तर प्रदेश के आगरा-लखनऊ हाईवे से जुड़ेंगे। इससे चंबल इलाके की कोटा, मुंबई, कानपुर, लखनऊ, आगरा और दिल्ली से कनेक्टिविटी बढ़ेगी तथा यात्रा का समय कम होगा। परिणामस्वरूप क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार-व्यवसाय, पर्यटन और आवागमन को प्रोत्साहन मिलेगा।

अटल एक्सप्रेस-वे के दो प्लान प्रस्तावित

बैठक में अटल एक्सप्रेस-वे के प्रस्तावित दो प्लान का तुलनात्मक प्रस्तुतिकरण किया गया। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल और प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुखबीर सिंह भी बैठक में उपस्थित थे।

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Updated on:
03 Jan 2026 07:55 pm
Published on:
03 Jan 2026 07:54 pm
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