
ATS Caught Pakistani Handler: मोहम्मद फराज को पाकिस्तानी हैंडलरों से कनेक्ट करवाने वाले नईम अबदुल्ला को एटीएस ने यूपी से गिरफ्तार किया है। नईम देवबंद का रहने वाला है और फरार चल रहा था। बता दें फराज को जिहादियों से जुड़वाने में सबसे बड़ा किरदार नईम है।
एटीएस की टीम को जिहादी साहित्य सहित कई अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिली है। जानकारी के लिए बता दें कि बीते दो दिन पहले मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने देश विरोधी साजिशों को नाकाम करते हुए शहर के काजी केम्प इलाके से मोहम्मद फराज नाम के एक संदिग्ध स्लीपर सेल को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से ही प्रदेशभर में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।
भोपाल के काजी कैंप से गिरफ्तार मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह से पूछताछ में जांच एजेंसियों को चौंकाने वाले इनपुट मिले हैं। पाकिस्तानी हैंडलर्स ने MP में नेटवर्क खड़ा करने के लिए कई जगह टास्क सौंप रखा था। इधर फराज के पड़ोसियों का दावा है कि वो अक्सर चौक-चौराहों में बैठकर जिहाद से जुड़े विषयों पर बात करता था और सोशल मीडिया में काफी सक्रिय भी रहता था। बता दें एटीएस की टीम ने फराज को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। गिरफ्तारी के बाद से घर में ताला लटक गया है। परिवार के सदस्य घर छोड़कर गायब हो गए है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक उसका परिवार सुबह ही कहीं चला गया था। पड़ोसियों ने बताया कि फराज पिता मोहम्मद फिरोज का इकलौता बेटा है। उसके पिता पहले वाहन सीट कवर सिलाई का काम करते थे। फराज खुद एक क्लीनिक में कंपाउंडर के रूप में 15 साल से काम कर रहा था। उसकी तीन साल की एक बेटी है। पत्नी घर से बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती है।
एटीएस की जानकारी के मुताबिक फराज और नईम अब्दुल्ला साल 2047 तक देश में शरिया कानून लागू करने की विचारधारा से प्रभावित थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कुछ कट्टरपंथी संगठन यह प्रचार करते हैं कि आजादी के बाद से विभिन्न सरकारों द्वारा एक विशेष समुदाय के साथ अन्याय किया गया है। जांच एजेंसियां इन दावों और आरोपियों के नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं। फराज का मोबाइल भी ले लिया गया है। इसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि मोबाइल डेटा से फराज के संपर्कों, गतिविधियों और कथित फंडिंग नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।
फराज ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसके पिता बेट्री रिपेयरिंग का काम करते हैं। परिवार में वह इकलौता लड़का हैं। पाकिस्तानी हैंडलर्स उसे गरीब तबके के युवाओं को जोड़ने की और मिशन को आगे ले जाने की सलाह देते थे। साथ ही ये भी जानकारी मिली है कि पता चला है कि फराज को पाकिस्तानी हैंडलर्स ने MP में नेटवर्क खड़ा करने, गरीब और बैचलर युवकों का ब्रेन वॉश करने और सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी सोच फैलाने का टास्क सौंप रखा था। वह सोशल मीडिया में भी खूब एक्टिव रहता है। हालांकि अपने घर के इलाके के आस-पास काफी धार्मिक प्रवत्ति दिखाता था।