Ayushman Bharat Card: स्वास्थ्य विभाग आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए वार्ड कार्यालयों में शिविर आयोजित कर रहा है....
Ayushman Bharat Card: मध्यप्रदेश की राजधानी में इन दिनों 70 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों के इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया चल रही है। राजधानी में एक लाख चार हजार बुजुर्ग ऐसे हैं, जिनकी आयु 70 साल से अधिक है। इनमें से अभी तक सिर्फ 2600 बुर्जुगों का ही आयुष्मान कार्ड बन सका है।
स्वास्थ्य विभाग आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए वार्ड कार्यालयों में शिविर आयोजित कर रहा है। घर बैठे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी दी गई है। लेकिन जागरुकता का अभाव होने और जटिल तकनीकी प्रक्रिया होने से कई बुजुर्ग बिना कार्ड बनवाए ही लौट रहे हैं। इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए नयी कार्ययोजना तैयार की है।
घर बैठे अपना आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं। फोन करते समय आधार कार्ड और उससे अटैच मोबाइल नंबर साथ रखें। इसके अलावा आयुष्मान एप और आयुष्मान बीआइएस पोर्टल beneficiary. nha.gov.in का उपयोग कर कार्ड बनवा सकते हैं।
इस संबंध में सीएमएचओ डॉ.प्रभाकर तिवारी का कहना है कि 70 साल से ज्यादा उम्र के हर बुजुर्ग आयुष्मान कार्ड बन रहा है। इसलिए बुजुर्ग को अपने आधार कार्ड और उससे जुड़े मोबाइल नंबर को अपडेट रखने की जरूरत है। स्वास्थ्य कर्मचारी बुजुर्ग के आधार की डिटेल पोर्टल पर दर्ज करता है।
ओटीपी के जरिए इसका सत्यापन होता है। बुजुर्ग की फोटो अपलोड की जाती है। फिर व्यक्ति की यूनिक आइडी जनरेट हो जाती है। कार्ड बनने के बाद पंजीकृत अस्पतालों में पांच लाख तक का मुफ्त इलाज कराया जा सकता है।
आयुष्मान योजना के तहत बुजुर्गों के लिए नई योजनाएं जोड़ी जाएंगी। इसको लेकर प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। जिसमें हर प्रदेश से सुझाव मांगे गए हैं। आयुष्मान भारत योजना सीईओ डॉ. योगेश भरसात के अनुसार योजना के तहत रोजाना औसतन 6.5 करोड़ रुपए के चार हजार से अधिक मुफ्त उपचार किए जा रहे हैं।
-कार्ड होल्डर बुजुर्ग पांच लाख तक का सालाना मुफ्त इलाज करा सकते हैं।
-कार्ड बनवाने के लिए इनकम की कोई बाध्यता नहीं, हर किसी का बन रहा कार्ड।
-जिनके पास पहले से आयुष्मान कार्ड है उन्हें नई सुविधा का भी अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
-योजना से लाभ लेने के लिए बीमारी में किसी तरह की वेटिंग का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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