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Uma Bharti- मध्यप्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से होनेवाली मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। अब तक 15 प्रभावित दम तोड़ चुके हैं। 150 से ज्यादा लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। इधर राज्य सरकार ने इंदौर हाईकोर्ट में जनहित याचिका के जवाब में पेश अपनी स्टेटस रिपोर्ट में गंदे पानी से मौतों की संख्या सिर्फ चार बताई है। कोर्ट ने अब इस मामले में 6 जनवरी को सुनवाई निर्धारित की है। इंदौर में गंदे पानी से हुई मौतों के मुद्दे पर राज्य सरकार चौतरफा घिर गई है। बीजेपी की वरिष्ठ नेत्री, प्रदेश की पूर्व सीएम उमा भारती ने भी मामले में सख्त टिप्पणी की है। उन्होंने अपने एक्स हेंडल पर लिखा कि जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती, इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा…।
इंदौर मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी संज्ञान लिया है। आयोग ने राज्य सरकार से दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है। इस संबंध में प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर प्रतिवेदन मांगा गया है।
इस बीच बीजेपी की वरिष्ठ नेत्री, प्रदेश की पूर्व सीएम उमा भारती ने भी मामले में अपनी ही सरकार को घेरा। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा-
महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि हुई कि सभी 15 लोगों की मौत, दूषित पानी के सेवन से ही हुई है। CMHO डॉ. माधव हसानी का कहना है कि दूषित पानी के सेवन के कारण ही लोग प्रभावित हुए और दम तोड़ा।
Published on:
02 Jan 2026 02:37 pm
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