
BJP MLA Abhilash Pandey presented statistics of narmada river (फोटो- MP Tourism)
MP budget session:मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के दौरान पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान विपक्षी विधायकों ने लोक संस्कृति और लोक कलाकारों को संरक्षण नहीं देने के आरोप लगाए। विदेशी पर्यटकों की पर्याप्त सुरक्षा नहीं होने पर भी चिंता जताई। इसके साथ पुजारियों का मानदेय बढ़ाने और प्राचीन मंदिरों की मरम्मत के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने की मांग की। वहीं भाजपा विधायकों ने नर्मदा में गंदे नाले मिलने से रोकने की व्यवस्था करने की मांग रखी। (MP News)
मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थलों की अवधारणा पर काम चल रहा है। पिछले वर्ष राज्य में 14 करोड़ से ज्यादा पर्यटक आए। राज्य की 15 धरोहरों को यूनेस्को की अस्थायी सूची में शामिल कराया गया है, जबकि ओरछा को स्थायी सूची के लिए भेजा गया है। अशासकीय सांस्कृतिक संस्थाओं को अनुदान भी दिया जा रहा है।
वर्ष 2025-26 में सरकार द्वारा 21 करोड़ 86 लाख रूपये की राशि से 127 शासन द्वारा संधारित मंदिरों का जीर्णोद्धार किया गया है। चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक नितेन्द्र सिंह राठौर ने कहा, प्रदेश में लोक संस्कृति, लोक सभ्यताओं और लोक कलाकारों को बढ़ाने और संरक्षण देने के लिए सरकार पर्याप्त काम नहीं कर रही है।
भाजपा विधायक अभिलाष पांडे ने कहा कि पवित्र नर्मदा में गंदे नाले मिल रहे हैं। उन्हें रोकना चाहिए। विशेषज्ञों ने बताया है कि पिछले सालों में नर्मदा में 40 प्रतिशत जल कम हो गया है। यह खतरे की घंटी है क्योंकि नर्मदा मध्यप्रदेश की जीवनरेखा है। उन्होंने जबलपुर महोत्सव शुरू करने और जबलपुर का नाम जाबालि ऋषि के नाम पर रखने की मांग भी रखी। विधायक विपिन जैन ने मंदसौर के पशुपतिनाथ मंदिर लोक के दूसरे चरण के लिए 50 करोड़ राशि देने की मांग रखी। एक विधायक ने कहा शहडोल मंदिर का विराट मंदिर तिरछा हो गया है. इसे ठीक कराने की जरूरत है।
मंत्री धर्मेन्द्र लोधी ने कहा कि प्रदेश में 22 हजार से अधिक शासन संधारित मंदिर हैं। इन मंदिरों के संरक्षण, संधारण और जीर्णोद्धार के लिए सरकार निरंतर काम कर रही है। वर्ष 2025-26 में सरकार द्वारा 21 करोड़ 86 लाख रूपए की राशि से 127 शासन संधारित मंदिरों का जीर्णोद्धार किया गया है। इसके साथ 21 करोड़ 96 लाख का मानदेय पुजारियों को प्रदान किया गया हैं। उन्होंने कहा कि तानसेन समारोह को भव्य रूप में आयोजित किया गया है।
मप्र पहली बार गाय समेत सभी प्रकार के मवेशियों की ट्रैकिंग होगी। इसके लिए एक विशेष चिप तैयार की जा रही है। अंतिम चरण का ट्रायल होना बाकी है। इससे गाय समेत सभी तरह के मवेशियों की सटीक जानकारी मिल सकेगी। दूसरी तरफ आवारा गाय व मवेशियों की पहचान के लिए एक विशेष बिले अथवा टैगिंग व्यवस्था लागू की जाएगी। पशुपालन राज्यमंत्री लखन पटेल ने यह जानकारी दी। असल में प्रश्नकाल के दौरान सत्तापक्ष के सदस्य अनिरुद्ध मारू ने सरकार से गोशालाओं की संख्या, उन्हें दिया जाने वाले अनुदान, दी गई जमीनें, गायों की संख्या को प्रमाणित करने के तरीके व उनके ट्रैकिंग के बारे में पूछा था। (MP News)
Updated on:
28 Feb 2026 12:38 am
Published on:
28 Feb 2026 12:37 am
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