भोपाल

बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम अब होगा ‘वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय’, ईसी से प्रस्ताव मंजूर

Barkatullah University : बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम अब वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय होगा। कार्य परिषद की बैठक में इस नाम पर सेहमति बन गई है। अब इस प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए राज्यपाल मंगुभाई पटेल के पास भेज दिया गया है।

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Barkatullah University
बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम अब होगा 'वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय' (Photo Source- Patrika)

Vagdevi Bhojpal University :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित देश के विख्यात विस्विद्यालयों में से एक बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने की प्रक्रिया एक कदम और आगे बढ़ गई है। विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद (ईसी) ने बैठक आयोजित कर संस्थान का नाम बरकतउल्लाह के स्थान पर 'वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय' करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब ये प्रस्ताव राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल के पास अंतिम स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। उनकी मंजूरी के बाद विश्वविद्यालय का नाम परिवर्तित कर दिया जाएगा।

आपको बता दें कि, बैठक में ये तर्क रखा गया कि, राजा भोज प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत के प्रतीक हैं। इसी आधार पर विश्वविद्यालय को उनके नाम से जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसे ईसी की ओर से मंजूरी मिल गई है।

अकादमिक ढांचे में भी बदलाव प्रस्तावित

उनके अनुसार, सिर्फ नाम परिवर्तन ही नहीं है, विश्वविद्यालय के अकादमिक ढांचे में भी बदलाव प्रस्तावित हैं। अरबी और पर्शियन जैसे पारंपरिक विषयों को मिलाकर तुलनात्मक भाषा एवं संस्कृति विभाग के रूप में पुनर्गठित करने की भी तैयारी चल रही है।

कौन थे बरकतउल्ला?

विश्वविद्यालय का मौजूदा नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और क्रांतिकारी विचारक मौलाना बरकतउल्ला खान भोपाली के नाम पर रखा गया था। भोपाल में जन्मे बरकतउल्ला ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आजादी की लड़ाई को मजबूती दी थी। वे 1915 में बनी भारत की निर्वासित अस्थायी सरकार से भी जुड़े रहे और वो देश के प्रमुख क्रांतिकारियों में से एक रहे हैं।

क्या है आगे की प्रक्रिया?

किसी सरकारी विश्वविद्यालय का नाम बदलना सिर्फ घोषणा से संभव नहीं हो सकता। सबसे पहले कार्यपरिषद में प्रस्ताव पारित किया जाता है। इसके बाद प्रस्ताव उच्च शिक्षा विभाग, राज्य सरकार और सबसे अंत में कुलाधिपति की मंजूरी के लिए भेजा जाता है। आवश्यक होने पर विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन की प्रक्रिया भी अपनाई जाती है. मंजूरी मिलने के बाद ही नया नाम आधिकारिक रूप से लागू किया जा सकेगा।

56 साल के इतिहास में तीसरी बार बदलेगा नाम

राज्यपाल से मंजूरी के बाद 56 साल के इतिहास में तीसरी बार विवि नए नाम से जाना जाएगा। बैठक में विश्व विद्यालय से संबंद्ध 30 बीएड कॉलेजों को भी नोटिस देकर कमियां दूर करने की नसीहत दी गई है।

खास बातें

-1970 में भोपाल विश्वविद्यालय के नाम से स्थापना हुई।
-1988 में भोपाल के स्वतंत्रता सेनानी प्रो. बरकतउल्ला की याद में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय नाम रखा।
-अब 2026 में इस नाम को परिवर्तित कर वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाएगा।

Updated on:
04 Jun 2026 02:33 pm
Published on:
04 Jun 2026 07:11 am