
भोपाल : लोकसभा चुनाव के पहले कांग्रेस सरकार १५ साल के वनवास से ध्वस्त हुए ग्रमीण नेटवर्क को फिर से खड़ा करने जा रही है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग पंचायत स्तर पर ग्राम युवा शक्ति समिति का गठन करने जा रहा है। ये समिति जन अभियान परिषद की तर्ज पर काम करेगी। समिति के सदस्य गांव के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाएंगे। सरकार चुनाव के दौरान इस नेटवर्क का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। इन समितियों के जरिए सीधे तौर पर गांवो के ढाई लाख युवा सरकार से सीधे जुड़ जाएंगे।
इस तरह गठित होंगी समितियां :
पंचायत स्तर पर गठित हो रही ग्राम युवा शक्ति समिति में ११ सदस्य होंगे। समिति में तीन महिला सदस्यों का होना अनिवार्य है। आबादी के प्रतिशत के हिसाब से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों का प्रतिनिधित्व रहेगा। इसमें पांच सदस्य स्नातक और छह सदस्य हायर सेकंडरी तक शिक्षित युवा होंगे। पंचायत सचिव समिति के संयोजक होंगे। समिति का कार्यकाल पंाच साल का रहेगा और हर साल इनका मूल्यांकन होगा।
ये काम करेंगी समितियां :
गांव के कमजोर वर्ग, निराश्रित,पेंशनधारी, दिव्यांगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना। युवाओं में नेतृत्व के गुणों का विकास करना। खेलकूद,पुस्तकालय,सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहभागिता। नशा,बाल विवाह,जुआ सट्टा जैसी असामाजिक और गैरकानूनी गतिविधियों की रोकथाम करना। लोगों की आय में वृद्धि और टैक्स चुकाने के लिए प्रेरित करना। सौ फीसदी टीकाकरण, कचरा प्रबंधन और शौचालय निर्माण सुनिश्चित करना। पशुपालन और कृषि की आधुनिक एवं उन्नत तकनीकों को बढ़ावा देना। लोगों को मोबाइल से फंड ट्रांसफर,बिलों का भुगतान करने की ट्रेनिंग दिलाना। आधार कार्ड और वोटर कार्ड बनवाना और संशोधन करवाना। गांव में शांति और सद्भाव कायम रखने के लिए लोगों को प्रेरित करना।
सरकार की कोशिश उसकी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने की है। गांव के विकास और जनकल्याण में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इन समितियों का गठन किया जा रहा है। - कमलेश्वर पटेल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री -