
Ayodhya Bypass Design Flaw: मध्य प्रदेश की राजधानी में अयोध्या बायपास पर बन रहा 10-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग की डिजाइन में बड़ी चूक की स्थिति नजर आ रही है। वृंदावन नगर और आसपास की एक दर्जन से अधिक आवासीय कॉलोनियों के मुख्य मार्ग के ठीक सामने अंडरपास न बनाकर, उसे दूरी पर शिफ्ट किया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों और यातायात विशेषज्ञों ने अंदेशा जताया है कि यह लापरवाही भविष्य में इस पॉइंट को एक खतरनाक ब्लैक स्पॉट बना देगी।
इंजीनियर सुदेश श्रीवास के अनुसार वृंदावन नगर के मुख्य प्रवेश द्वार के ठीक सामने अंडरपास बनाने के बजाय उसे थोड़ा हटाकर निर्मित किया जा रहा है। ऐसे में मुख्य मार्ग से निकलने वाले वाहनों को अंडरपास तक पहुँचने के लिए अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा और राजमार्ग पर अचानक तीखा मोड़ लेना होगा। इसी तरह 10-लेन हाईवे पर तेज रफ्तार से दौड़ती गाड़ियों के सामने अचानक वाहनों के मुड़ने से हादसों की आशंका बनी रहेगी। स्कूली बसों, वरिष्ठ नागरिकों और आपातकालीन सेवाओं के लिए यह मोड़ रोजाना की आफत साबित होगा। इंजीनियर रोहित भेसोटा के अनुसार इंडियन रोड कांग्रेस के कोड 55 के अनुसार, हाईवे निर्माण से पहले रहवासियों के सुचारू आवागमन के लिए सर्विस रोड बनाना जरूरी है। इससे बारिश के दिनों में सड़क पर कीचड़ फैल रहा है। रोजाना गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर रहे है, जिससे रोज छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं।
वृंदावन नगर, राज सम्राट नगर, जीत होम्स, सागर लेक व्यू, श्रवण कांता, बसंत कुंज, भेल नगर, छत्तीसगढ़ कॉलोनी, अभिनव होम्स और जनकपुरी के रहवासियों ने प्रशासन से गुहार लगाई है। नागरिकों की मांग है कि जनहित और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्माणाधीन अंडरपास के स्थान का पुनः तकनीकी परीक्षण कराया जाए और उसे वृंदावन नगर के मुख्य मार्ग के ठीक सामने निर्मित किया जाए, ताकि भविष्य में होने वाली जनहानि से बचा जा सके।