mp news: भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट की लेटलतीफी से बजट बेकाबू हो गया है। जनता का पैसा पानी की बहाया जा रहा है। हर किलोमीटर पर अब 127 करोड़ ज्यादा खर्च हो रहे है। यही नहीं, शुरुआती दो लाइनें अब साल 2030 तक बनकर तैयार होंगी। (bhopal metro budget)
bhopal metro budget: लेटलतीफी के कारण भोपाल मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट का बजट (Bhopal Metro Train Project) बढ़कर 357.71 करोड़ रुपए प्रति किमी हो गया है। ये 127 करोड़ रुपए प्रति किमी की दर से बढ़ा है। अभी जिस 30 किमी की प्रस्तावित लाइन का बजट 6941 करोड़ रुपए बताया जा रहा है, वह अब 10731 करोड़ रुपए हो गया है। यानी 2019 में जो लागत 231 करोड़ रुपए प्रति किमी थी, वह अब बढकर 357 करोड़ रुपए हो गई है। इस तरह प्रति किमी 126.71 करोड़ रुपए लागत बढ़ी है। (mp news)
अब मेट्रो की शुरुआती दो लाइन को बनाने की समय सीमा 2027 से बढ़ाकर 2030 कर दी गयी है। ऐसे में बजट बढ़ेगा। मेट्रो रेल कारपोरेशन के खुद के आंकड़े इस तथ्य को जाहिर कर रहे हैं। सीएम को मेट्रो प्रबंधन ने बताया था कि 6.22 किमी लंबे प्रायोरिटी कॉरीडोर पर 2225 करोड़ खर्च हुए हैं। इस हिसाब से यह प्रति किमी से 357 करोड़ रुपए बनते हैं। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन एमडी एस चैतन्य कृष्णा ने कहा कि प्रोजेक्ट पर मॉनीटरिंग लगातार हो रही है। अभी कुछ देरी हो गई, लेकिन अब काम की गति तेज चल रही है।
एम्स से सुभाष ब्रिज तक कस प्रायोरिटी कॉरिडोर अक्टूबर में शुरु होगा। हालांकि इस पर महज 10 फीसदी ही ऐसा ट्रैफिक है जो पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करता है। एक रिपोर्ट के अनुसार एम्स से एमपी नगर के बीच रोजाना 6000 निजी वाहनों की आवाजाही है।