Bhopal Metro
मध्यप्रदेश के दो प्रमुख शहरों- राजधानी भोपाल और व्यवसायिक राजधानी इंदौर में मेट्रो प्रोजेक्ट आकार ले रहा है। भोपाल में मेट्रो के काम ने अब रफ़्तार पकड़ी है। भोपाल मेट्रो के दूसरे फेज में सुभाष नगर डिपो से करोंद तक करीब 9 किमी के हिस्से में काम चल रहा है। मेट्रो के दूसरे फेज के काम में कई जगहों पर अतिक्रमण आड़े आ रहा है। इन अतिक्रमणों को हटाने का काम बुधवार से फिर शुरू हो सकता है।
सुभाष नगर डिपो से करोंद तक कुल 8.77Km के भोपाल मेट्रो के दूसरे फेज में कुल 1540 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस भारी भरकम राशि से मेट्रो के आठ स्टेशन और अंडरग्राउंड ट्रैक बनाया जाएगा।
भोपाल मेट्रो के दूसरे फेज में आड़े आनेवाले अतिक्रमणों को हटाने का काम बुधवार से शुरू हो सकता है। दुकानदारों को मोहलत दी गई थी जोकि मंगलवार समाप्त हो जाएगी। इसके बाद प्रशासन मेट्रो की राह में आड़े आ रहे पक्के निर्माणों को तोड़ देगा। पुल बोगदा के पास की आरा मशीनों और फर्नीचर कारोबारियों को भी जल्द हटाया जाएगा।
डीआरएम ऑफिस तिराहे पर ब्रिज का काम पूरा होने की कगार पर है। सुभाषनगर से एम्स तक दो ब्रिज बन चुके हैं। हाल ही में दूसरे कंपोजिट ब्रिज का काम पूर्ण हुआ है।
मेट्रो प्रोजेक्ट में सुभाष नगर से करोंद तक कुल 8.77 किमी का काम है। इसमें 3.39 किमी का अंडरग्राउंड रूट होगा। मेट्रो के कुल 8 स्टेशन बनेंगे। पुल बोगदा, ऐशबाग, सिंधी कॉलोनी, डीआईजी बंगला, कृषि उपज मंडी, करोंद, भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड पर मेट्रो स्टेशन बनेंगे।