
Fake IAS Tripti Singh : भोपाल में फर्जी आइएएस बनकर नौकरी और सरकारी काम दिलाने के नाम पर ठगी करने वाली तृप्ति सिंह के केस में बागसेवनिया पुलिस ने एक और आरोपी को जोड़ा है। जांच के बाद शहर के एक टीआइ के भाई रोहित लिल्हारे को आरोपी बनाया गया है। जांच में सामने आया कि रोहित ने तृप्ति के कहने पर एक युवती से फोन पर बात की थी। कॉल डिटेल व सीडीआर के आधार पर पुलिस ने उसे आरोपी बनाया है।
वीडियो भेज झांसे में लिया था:
जांच में सामने आया, युवतियों से फोन पर बात कराने के बाद तृप्ति ने रोहित को विधानसभा से दोनों युवतियों के साथ वीडियो भेजे थे। तृप्ति ने रोहित से कहा था, जिन युवतियों से उसने बात की थी, उनकी नौकरी लग गई है। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद रोहित ने तृप्ति को 40 लाख रुपए दिए थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह भी खुलासा हुआ है कि तृप्ति इंस्टाग्राम और फेसबुक पर हाई-फाई फोटो और सरकारी अधिकारी जैसी छवि दिखाकर लोगों का भरोसा जीतती थी। इसके बाद नौकरी व अन्य फायदे दिलाने का झांसा में लेकर मोटी रकम लेती थीं।
पुलिस ने मास्टरमाइंड तृप्ति सिंह, उसके भाई सुधांशु सिंह, प्रखर सिंह, ड्राइवर भूपेंद्र और अब टीआइ के भाई रोहित लिल्हारे को आरोपी बनाया है। मुख्य आरोपी तृप्ति के साथ भाई सहित दो आरोपी अशोकनगर जेल में बंद है। इस तरह मामले में अब तक पांच को आरोपी बनाया जा चुका है।
पुलिस के अनुसार, तृप्ति ने 2024 व 2025 के बीच रोहित से युवती की फोन पर बात कराई थी। बातचीत के दौरान रोहित ने युवती से कहा था, उसकी नौकरी लग गई है। नौकरी का वेरिफिकेशन लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए), मसूरी से होना बाकी है। पुलिस ने कॉल डिटेल की जांच के बाद बातचीत की पुष्टि की है। टीम ने थाने में रोहित के बयान दर्ज किए।
थाना प्रभारी ने बताया कि तृप्ति सिंह ने रोहित को भी झांसा दिया। वह यूपीएससी की तैयारी कर रहा था जिसके लिए तृप्ति से मार्गदर्शन देने का आग्रह किया था। तब फर्जी आइएएस ने रोहित से युवक युवतियों को नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे कमाने की बात कही। कारोबारियों को होटल-रिसार्ट की लीज दिलाने के नाम पर ठगी का काम भी शुरू किया।