Twisha Sharma Death Case- आरोपी समर्थ सिंह से लगातार पूछताछ जारी, भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा है कि मामले में मिले हर सबूत की गहराई से जांच की जा रही
Twisha Sharma Death Case - मध्यप्रदेश के ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में पति समर्थ सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रहीं हैं। उसे जबलपुर से गिरफ़्तार कर देर रात भोपाल लाया गया है जहां पुलिस कोर्ट में पेश करने की तैयारी में लगी है। बता दें कि आरोपी से कड़ाई से पूछताछ में केस से संबंधित हकीकत सामने आ सकती है। पुलिस से बचने के लिए आरोपी पति समर्थ सिंह ने हर चाल चली लेकिन बेअसर रहीं। इस बीच मामले में भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि आरोपी समर्थ सिंह से लगातार पूछताछ जारी है। मामले में मिले हर सबूत की गहराई से जांच की जा रही है।
इस बीच भोपाल में ट्विशा की सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह के घर भी खासी गहमागहमी है। वकीलों की एक टीम उनके घर पहुंची है।
15 को भाई से मिलने अजमेर जाने वाली थी ट्विशा
12 मई को ट्विशा की मौत हुई, इसी दिन सुबह 9.52 बजे उसने अजमेर के लिए भोपाल-जयपुर एक्सप्रेस में टिकट बुक कराया था। वह 15 मई को भाई से मिलने जाने वाली थीं। इसी दिन ब्यूटी पार्लर भी गई थी।
भोपाल के पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया, मामले में मिले हर सबूत की गहराई से जांच की जा रही है। कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल डिटेल्स, फुटेज को जांच में शामिल किया है। कैमरे में दिखने वालों के बयान भी लिए हैं।
भोपाल में ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह के घर एक पुलिस अधिकारी भी पहुंचे। मीडिया के पूछने पर उन्होंने बताया कि मैं हाई कोर्ट से नोटिस लेकर आया हूं। इस संबंध में एएनआई ने ट्वीट भी किया-
ट्विशा शर्मा मौत का मामला। भोपाल, मध्य प्रदेश: एक पुलिस अधिकारी भोपाल में ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह के घर पहुंचे।
उन्होंने कहा, "मैं हाई कोर्ट का नोटिस लाया हूं।"
जब पूछा गया कि क्या नोटिस गिरिबाला सिंह के लिए है, उन्होंने कहा, "हां।"
आरोपी पति समर्थ सिंह के वकील जयदीप कौरव ने जबलपुर में कहा, कोर्ट में ट्विशा की संदिग्ध मौत के मामले में चार केस एक साथ लगे थे। एक में समर्थ की अग्रिम जमानत की अर्जी थी। दूसरा ट्विशा के पिता ने दोबारा पोस्टमॉर्टम के लिए रिट याचिका लगाई। दो याचिका गिरीबाला सिंह की जमानत याचिका रद्द कराने को लेकर लगीं।
ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने कहा, मप्र सरकार ने सीबीआइ जांच की सिफारिश की है। यह निष्पक्ष जांच की दिशा में पहला कदम है। यह हम सबकी छोटी जीत है, लेकिन लड़ाई अभी जारी है।