
(भोपाल से सुमित यादव की रिपोर्ट)
Bhopal Retired IAS Officer Murder case: रिटायरमेंट के बाद बुजुर्ग पति-पत्नी का सबसे बड़ा सहारा उनके बच्चे होते हैं। लेकिन जब बेटा-बेटी नौकरी के कारण दूसरे शहर या विदेश में रहने लगें तो बुजुर्गों की देखभाल की जिम्मेदारी किसकी होगी…? इसी मजबूरी में कई परिवार घर में केयरटेकर रखते हैं। लेकिन सवाल यह है कि अगर इसी भरोसे का लिबास पहनकर कोई अपराधी घर में दाखिल हो जाए तो जिम्मेदारी किसकी है। भोपाल में एक सप्ताह के भीतर बुजुर्गों से जुड़ी दो गंभीर वारदातों ने इस चिंता को और बढ़ा दिया है। एक ओर सूरज नगर में रिटायर्ड आइएएस अधिकारी की हत्या हुई, तो दूसरी ओर अवधपुरी में रिटायर्ड अधिकारी पर घर में घुसकर हमला कर लूट की कोशिश की गई। दोनों घटनाओं ने अकेले रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वारदात-1 : मंगलवार रात सूरज नगर में 70 वर्षीय रिटायर्ड आइएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या की गई। प्रारंभिक जांच में पुलिस की नजर घर में काम करने वाले केयरटेकर पर है। बताया जा रहा है कि वह घटना से कुछ दिन पहले ही काम पर आया था।
वारदात-2 : 25 सितंबर को अवधपुरी में 71 वर्षीय रिटायर्ड खनन अधिकारी मोहन चौधरी में वारदात। बदमाशों ने लूट की कोशिश की।
वारदात-3 : पांच महीने पहले हबीबगंज थाना क्षेत्र की अरेरा कॉलोनी में एक पूर्व अधिकारी के घर काम करने वाले केयरटेकर ने अधिकारी को धमकी दी थी।
कोलार: दो महीने में करीब 450 वेरिफिकेशन।
अशोका गार्डन: करीब 115 आवेदन।
गोविंदपुरा: दो महीने में करीब 200 वेरिफिकेशन।
बागसेवनिया: छह महीने में करीब 400 और सालभर में करीब 1000 आवेदन।
हबीबगंज: छह महीने में 500 से ज्यादा वेरिफिकेशन।
टीटी नगर: किराएदारों के 124 वेरिफिकेशन, जबकि केयरटेकर का सिर्फ 1 आवेदन।
6.फोटो और मोबाइल नंबर: हाल की फोटो और संपर्क नंबर सुरक्षित रखें।
सभी थानों को किराएदारों और कर्मचारियों के सत्यापन को लेकर विशेष निर्देश दिए गए हैं। जिन थाना क्षेत्रों में किराएदार और कर्मचारियों की संख्या अधिक है, वहां लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। - संजय कुमार, पुलिस कमिश्नर