Bhoapli Batua in Wedding Season: नवाबों के काल में बना, नवाबी महल से निकलकर बॉलीवुड में छाया, विदेशियो के मन भाया भोपाली बटुआ इन दिनों वेडिंग सीजन में धूम मचा रहा है। पत्रिका वेडिंग फेस्टिवल में पढ़ें भोपाली बटुए का सफर...
Bhopali Batua in this Wedding Season: जरी-जरदोजी का बटुआ और चप्पल दुल्हनों के पास न हो तो शृंगार अधूरा माना जाता है। शादियों का सीजन शुरू होते ही फिर भोपाली बटुओं की मांग बढ़ी है। 100 साल से ज्यादा पुराना इतिहास रखने वाले इन बटुओं को पहले नवाब परिवारों में बेगम इस्तेमाल करती थीं। बाद में सामान्य महिलाओं की शान बना और वे इसमें पान, लौंग, इत्र आदि रखने लगीं। अब भोपाली शिल्प से इस बार वेडिंग सीजन दमक रहा है। इसका आकर्षण भोपाल से निकलकर पूरी दुनिया में छा गया है। अरब देशों के साथ अमरीका, ब्रिटेन, जापान, चीन और इंडोनेशिया में भी मांग बढ़ी है।
छोटी पोटली जैसा आकार। इस पर जरी-जरदोजी व मनके को इस तरह पिरोया जाता है कि आकर्षण कई गुना बढ़ जाता है। राजधानी में 80 साल से भोपाली बटुए बनाने वाले असलम खान का कहना है, अब बॉलीवुड के सितारों की भी यह पसंद है। कई बार उन्होंने सितारों को भोपाल से बटुए भेजे। रेखा, दीपिका पादुकोण, आलिया भट्ट समेत कई अभिनेत्रियों की फिल्मों में भोपाल की यह कला दिखी।
20 साल से बटुआ बना रही हुमा खान ने बताया, भोपाली बटुए का इतिहास कम रोचक नहीं है। नवाबों के काल में विदेशों से आए कारीगरों ने शुरुआत की थी। तब बेगमों के लिए जरी जरदोजी के जूते, कपड़े और बटुए बनाए जाते थे। बाद में इस शिल्प कला को भोपाल में और विकसित किया गया। अब इसकी लंबी रेंज लोगों को लुभा रही है।