भोपाल

1 साल में 1 करोड़ रुपए लोकार्पण-भूमिपूजन पर खर्च, 22 मामलों में विवाद

आपको हैरत होगी कि एक फुट ओवरब्रिज (एफओबी) बनाने में जितनी राशि खर्च होती है, भोपाल नगर निगम के अफसरों ने उतनी राशि भूमिपूजन व लोकार्पण में खर्च कर दी है।
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Mar 06, 2019
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भोपाल। आपको हैरत होगी कि एक फुट ओवरब्रिज (एफओबी) बनाने में जितनी राशि खर्च होती है, भोपाल नगर निगम के अफसरों ने उतनी राशि भूमिपूजन व लोकार्पण में खर्च कर दी है। इतना ही नहीं, बीते एक साल के दौरान २२ एेसे भूमिपूजन-लोकार्पण बेहद विवादित रहे।

अशोका गार्डन क्षेत्र में एक पार्क के उद्घाटन को लेकर पूर्व विधायक विश्वास सारंग व मंत्री पीसी शर्मा के बीच श्रेय लेने की होड में थाने तक पहुंचे मामले के बाद पत्रिका ने पड़ताल की तो ये तथ्य सामने आए। गौरतलब है कि लोकार्पण व भूमिपूजन में ठेकेदार के साथ निगम की जेब से बड़ी राशि खर्च की जाती है।

1567 भूमिपूजन हो चुके एक साल में

अपने क्षेत्र में विकास आपको भले ही न नजर आए, लेकिन भूमिपूजन में कोई कसर बाकी नहीं है। नगर निगम का ही आंकड़ा निकालें तो मार्च २०१८ से अब तक कुल १५६७ भूमिपूजन हो चुके हैं। एक भूमिपूजन पर पांच हजार रुपए से १२ हजार रुपए तक का खर्च आता है। कुछ राशि ठेकेदार खर्च करता है बाकी निगम अपनी मद से देता है। ये राशि जनता से जमा टैक्स से ही निकाली जाती है। कई मामलों मंे तो निगम कार्ड छपवाकर इसमें लोगों को आमंत्रित भी करता है।

श्रेय लेने की होड़ में विवाद के कुछ एेसे उदाहरण

- फरवरी २०१९ में कमलापार्क में जैन समाज के श्रीस्तंभ का लोकार्पण में क्षेत्रीय पार्षद का पट्टिका में नाम नहीं लिखा, इस पर हंगामा हुआ।
- मार्च २०१९ में मंगलवारा थाने के लोकार्पण कार्यक्रम में महापौर आलोक शर्मा को नहीं बुलाया गया। इस पर उन्होंने आपत्ति की और विरोध प्रदर्शन तक किया।

- वार्ड ८३ में सडक़ व नाली निर्माण का भूमिपूजन क्षेत्रीय विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया तो क्षेत्रीय पार्षद मनफूल मीणा ने विरोध किया, इसमें आमने सामने की बहस और झड़प तक हुई।

- वार्ड में विकास कार्यों के क्षेत्रीय विधायक रामेश्वर शर्मा ने अलग भूमिपूजन किए व कांग्रेस के क्षेत्रीय पार्षद ने अलग भूमिपूजन किया।
- मंगलवार को ही बैरसिया रोड बस स्टैंड के विकास कार्य को लेकर कांग्रेसी विधायक आरिफ अकील ने भूमिपूजन कर दिया, भाजपा नेताओं को नहीं बुलाया, इस पर काफी नाराजगी जताई गई।

इसलिए जरूरी है श्रेय

पूरा मामला श्रेय लेने का है। जिन विकास कार्योँ का भूमिपूजन किया या लोकार्पण किया उन्हें चुनाव के समय जनसभाओं में जनता के सामने रखकर वोट मांगे जाते हैं। इससे चुनाव में लाभ मिलने की उम्मीद की जाती है।

हम तो तय प्रोटोकॉल के तहत ही आमंत्रण देते हैं। यदि किसी को दिक्कत है तो वह शिकायत दर्ज करा सकता है।
- विजय दत्ता, निगमायुक्त

Published on:
06 Mar 2019 09:29 am