
मध्यप्रदेश में एक के बाद एक तीन चुनाव हुए। प्रदेश में सबसे पहले नगरीय निकाय चुनाव हुए, इसके बाद विधानसभा और लोकसभा के चुनाव हुए। सभी तीनों चुनावों में सरकारी मशीनरी लगी रही। कर्मचारियों, अधिकारियों ने पूरी मुस्तैदी से चुनावी ड्यूटी पूरी की। ज्यादातर कर्मचारियों, अधिकारियों को इसके लिए निर्धारित मानदेय भी मिल गया लेकिन कई कर्मचारी अभी तक इसका इंतजार ही कर रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों के लिए मध्यप्रदेश कर्मचारी कांग्रेस आगे आई है। संगठन पदाधिकारियोें ने इस संबंध में एमपी के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है।
मध्यप्रदेश कर्मचारी कांग्रेस ने चुनावी मानदेय से वंचित कर्मचारियों को तुरंत राशि प्रदान करने की मांग की है। कर्मचारी कांग्रेस के संरक्षक वीरेंद्र खोंगल और प्रदेशाध्यक्ष सुरेंद्र निगम ने बताया कि चुनाव कराना कठिन काम होता है। इसके बाद भी सभी कर्मचारियों ने अपने कर्तव्य का पालन किया। पूरी लगन और मेहनत के साथ मतदान ड्यूटी करने के बावजूद उन्हें आज तक मानदेय नहीं दिया गया है।
संगठन नेताओं के अनुसार नगर निगम, विधानसभा और लोकसभा चुनाव का मानदेय का भुगतान अभी तक अटका है। कर्मचारी कांग्रेस ने अब इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव यानि सीएस अनुराग जैन को पत्र लिखा है। सीएम से इस संबंध में त्वरित कदम उठाने का आग्रह किया गया है।
एक ओर जहां कर्मचारी तीन चुनावों के मानदेय का इंतजार कर रहे हैं वहीं बुधनी में हुए उपचुनावों Budhni By-Election 2024 में ड्यूटी पर तैनात सभी अधिकारी-कर्मचारियों को एक्सट्रा ड्यूटी के बदले मतदान खत्म होने से पहले ही भुगतान कर दिया गया था। बुधनी विधानसभा उपचुनाव में मतदान के लिए चुनाव आयोग द्वारा 1476 अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रवीण सिंह ने इन सभी अधिकारी-कर्मचारियों को मानदेय का भुगतान मतदान खत्म होने के पहले ही कर दिया। वोटिंग कराने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खाते में 14 लाख 33 हजार 700 रुपए की राशि ट्रांसफर की गई।