
Rajyasabha Chunav- एमपी में राज्यसभा चुनाव की कवायद चल रही है। शनिवार को दोपहर में भाजपा के राज्यसभा के दोनों प्रत्याशियों तरुण चुघ एवं रजनीश अग्रवाल ने नामांकन दाखिल कर दिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मध्यप्रदेश के प्रभारी एवं क्षेत्रीय संगठन महामंत्री सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। राज्यसभा सीट के लिए दोनों प्रत्याशियों द्वारा नामांकन दाखिल कर दिए जाने के बाद बीजेपी नेतृत्व ने विधानसभा में मीडिया से बातचीत भी की। इधर कांग्रेस में राज्यसभा सीट के लिए उम्मीदवार बनाई गईं मीनाक्षी नटराजन के नाम पर सर्वसम्मति नहीं बन पा रही है। ऐसे में आपसी संघर्ष में पार्टी की यह सीट गंवा देने की आशंका बढ़ती जा रही है। बीजेपी के अनेक नेता खुलकर कहने लगे हैं कि प्रदेश से पार्टी के तीसरे उम्मीदवार को भी हम जिताएंगे।
एमपी से अभी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह राज्यसभा सांसद हैं। उन्होंने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया था। दिग्विजय सिंह की खाली हो रही राज्यसभा सीट के लिए दिल्ली ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है पर उनके नाम पर दिग्गज नेता सहमत नहीं हैं। कांग्रेस में क्रास वोटिंग का खतरा है। असंतुष्ट विधायकों के कारण दिग्विजय सिंह की राज्यसभा सीट पार्टी के हाथ से जाने की आशंका है।
बीजेपी नेताओं के बयानों ने भी कांग्रेस की नींद उड़ा दी है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता, प्रदेश के केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सपाट स्वरों में कहा है कि पार्टी तीसरे उम्मीदवार की घोषणा करे, हम उसे जिता देंगे। प्रदेश के एक अन्य वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने भी यह बात दोहराई है। उन्होंने कहा है कि तीसरा उम्मीदवार उतारने की स्थिति में उन्हें जिताने की जिम्मेदारी हमारी है। खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने साफ कहा कि- पार्टी उम्मीदवार उतारे, हम उसे जिता देंगे।
बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान में पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह की भी राज्यसभा की कांग्रेस की सीट पर नजर है। हालांकि उन्होंने अपने पत्ते नहीं खोले पर उनके बयान से साफ संकेत मिलते हैं कि मध्यप्रदेश से बीजेपी राज्यसभा की तीनों सीटों पर कब्जा करने की कोशिश कर सकती है। तीसरी सीट के संबंध में मीडिया के सवाल पर पीडब्लूडी मंत्री राकेश सिंह ने गोलमोल जवाब दिया। उन्होंने कहा कि - किसने कहा कि हम तीसरी सीट पर लड़ रहे हैं और यह किसने कहा कि हम नहीं लड़ रहे?
बता दें कि मध्यप्रदेश में यदि बीजेपी तीसरे उम्मीदवार का दांव चलती है तो विधायकों का संख्या बल उसके पक्ष में आ सकता है। प्रदेश की कुल 230 विधानसभा सीटों पर बीजेपी के अभी 164 विधायक हैं। कांग्रेस के 65 में से 62 विधायक ही वोट डाल सकेंगे। संख्या के आधार पर बीजेपी की 2 और कांग्रेस की 1 सीट पर जीत तय है लेकिन क्रॉस वोटिंग से स्थिति बदल जाएगी। कांग्रेस को अपनी राज्यसभा सीट बनाए रखने के लिए 58 विधायकों के वोट चाहिए। बीजेपी यदि कांग्रेस के 4 वोट इधर से उधर करने में कामयाब हो जाए तो तीसरी सीट भी जीत सकती है। राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस का यादवी संघर्ष इस आशंका को मजबूत कर रहा है।