
भोपाल। 16वें राष्ट्रपति के लिए सोमवार को हुए मतदान में मध्यप्रदेश में खासा उत्साह नजर आया। विधानसभा भवन में बनाए गए मतदान केन्द्र में विधायकों ने वोट डाले। यहां मतदान के लिए दोपहर तक कतार लगी रही।
सबसे पहला वोट विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) गिरीश गौतम और दूसरा वोट मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डाला। भाजपा का दावा है कि सपा और बसपा ने एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का साथ दिया है। यानी मध्यप्रदेश से मुर्मू को अधिक वोट मिलने की संभावना है।
एनडीए उम्मीदवार को ही ज्यादा वोट मिले!- राष्ट्रपति चुनाव को लेकर शुरुआती एक घंटे में विधानसभा में 60 विधायकों ने वोट डाले। 230 सदस्य संख्या वाली मध्यप्रदेश विधानसभा में सत्तारूढ़ दल भाजपा के सबसे ज्यादा 127 विधायक हैं। कांग्रेस दूसरे नंबर पर है।
चाक चौबंद रही सुरक्षा व्यवस्था: मतदान के दौरान विधानसभा भवन की सुरक्षा चाक चौबंद रही। चुनाव आयोग के प्रवेश पत्र से मतदान केन्द्र पर सिर्फ मतदाता विधायकों को प्रवेश मिला। अन्य पास धारकों को यहां प्रवेश की अनुमति नहीं थी।
आदिवासी उम्मीदवार का स्वागत: अलावा
जयस नेता व कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा ने कहा, राष्ट्रपति पद के लिए आदिवासी वर्ग से उम्मीदवार बनाई गईं द्रौपदी मुर्मू का स्वागत है। हालांकि उन्होंने कहा कि उनका वोट किसे गया, यह गोपनीय है। परिणाम के बाद पता चलेगा।
संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दावा किया कि द्रौपदी मुर्मू अच्छे वोटों से जीत रही हैं। मध्यप्रदेश में भाजपा के साथ, बसपा, सपा के सभी वोट मुर्मू को ही पड़ेंगे। इसके अलावा निर्दलीय के भी अंतरात्मा वाले वोट मुर्मू को मिलेंगे।
इससे पहले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ इस बात की ओर इशारा कर रहे थे कि कांग्रेस के विधायकों को भाजपा की ओर से राष्ट्रपति चुनाव के लिए प्रलोभन दिया जा रहा है। साथ ही उनका आरोप है कि भाजपा प्रशासन और पैसे का भी दुरुपयोग कर रही है।