भोपाल

BJP ने जारी की प्रभारियों और सह प्रभारियों की लिस्ट, जानें मध्यप्रदेश में किसे मिली जिम्मेदारी

BJP State Incharges List: बीजेपी ने बुधवार को जारी की देश के अलग-अलग राज्यों के प्रभारियों और सह प्रभारियों के नाम, लिस्ट में 36 नाम।
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Sep 23, 2026
biplab deb and rekha verma
bjp state incharges list madhya pradesh biplab deb, फाइल फोटो- रेखा वर्मा और बिप्लब देब (Source- Reka Verma FB and Biplab X)

BJP State Incharges List: BJP ने बुधवार को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रभारियों और सह-प्रभारियों की लिस्ट जारी की है। इनमें मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के के राज्य भी शामिल हैं। मध्यप्रदेश में बिप्लब कुमार देब को प्रभारी बनाया गया है जबकि रेखा वर्मा को मध्यप्रदेश का सहप्रभारी बनाया गया है। मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद तरुण चुग को गुजरात का प्रभारी बनाया गया है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया है।

कौन हैं बिप्लब देब?

मध्यप्रदेश बीजेपी के प्रभारी बनाए गए बिप्लब देब त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं और वर्तमान में त्रिपुरा पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सांसद हैं। बिप्लब भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री भी हैं। साल 2016 में उन्हें त्रिपुरा में भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष भी बनाया गया था। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद, वे 2022 से 2024 तक राज्यसभा के सदस्य भी रहे हैं।

कौन हैं यूपी की रेखा वर्मा?

भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनी रेखा वर्मा उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखती हैं। इससे पहले उत्तराखंड की सह प्रभारी की भूमिका निभा रही थीं। उन्हें अब मध्यप्रदेश में सह प्रभारी का जिम्मा दिया गया है। रेखा वर्मा उत्तर प्रदेश की सीनियर नेता है। 20 मई 1973 को कापुर में जन्मी रेखा वर्मा 2014 के लोकसभा चुनाव में पहली बार मैदान में उतरी थीं। धरहरा सीट से पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद को हराकर चर्चाओं में आई थीं। हालांकि बाद में जितिन प्रसाद भाजपा में शामिल हो गए थे। 2024 के लोकसभा चुनाव में पीलीभीत से भाजपा के टिकट पर जितिन प्रसाद ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्हें केंद्र में मंत्री बनाया गया था। रेखा वर्मा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी। उत्तर प्रदेश के मोहम्मदी इलाके के मकसूदपुर गांव की रहने वाली रेखा ने दिल्ली की सियासत से जुड़ने के बावजूद अपने गांव से नाता नहीं तोड़ा। यही कारण है कि उन्हें मजबूत चेहरे के तौर पर देखा जाता है। धरहरा लोकसभा सीट पर भले ही वे हैट्रिक नहीं लगा पाईं, लेकिन पार्टी ने पिछड़ा वर्ग की रेखा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के साथ ही मध्यप्रदेश का सहप्रभारी बनाकर बड़ा दांव खेला है।

Updated on:
23 Sept 2026 03:58 pm
Published on:
23 Sept 2026 02:55 pm