भोपाल

1500 वर्गफीट तक की संपत्ति से जुड़ी आपत्तियों का जोन स्तर पर ही होगा निराकरण

संपत्तिकर खाते में नाम, पते की छोटी सी गलती दुरूस्त कराना हो या फिर टैक्स की गणना में गड़बड़ी। जोन स्तर पर ही इसे सुधारने का प्रस्ताव तैयार हुआ है।
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Apr 19, 2019
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भोपाल. संपत्तिकर खाते में नाम, पते की छोटी सी गलती दुरूस्त कराना हो या फिर टैक्स की गणना में गड़बड़ी। जोन स्तर पर ही इसे सुधारने का प्रस्ताव तैयार हुआ है। कोशिश है कि 1500 वर्गफीट तक की संपत्तियों और नल कनेक्शन से जुड़े मामले जोन पर ही निपट जाएं। फिलहाल हर छोटी बात के लिए जोन से फाइल बनाकर निगम मुख्यालय स्तर पर भेजी जाती है। यहां उपायुक्त-अपर आयुक्त की मंजूरी के बाद ही सुधार होता है। ये प्रस्ताव मंजूरी के लिए अपर आयुक्त रणवीरसिंह के पास है।

यहां से मंजूरी के साथ ही लोगों को बड़ी राहत मिल जाएगी। गौरतलब है कि निगम ने जोन स्तर पर सिविल इंजीनियरों को जर्जर भवन हटाने अधिकार देकर इसकी शुरुआत की है। इसी तरह से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर जोन प्रभारियों को अपने यहां जनता के जरूरी काम करने की शक्तियां मिल जाएगी।

ऐसे समझे दिक्कत

- नेहरू नगर निवासी रविंद्र राजावत के नाम की स्पेलिंग निगम के खाते में गलत दर्ज है। उन्होंने इसे दुरूस्त कराने जोन में आवेदन दिया। दो माह बीत गए अभी इस आवेदन की फाइल को उच्चाधिकारियों की मंजूरी का इंतजार है।

- मंगलवारा के आरिफ खान को निगम के खातों में आरिफ रजा दर्ज किया हुआ है। वे इसे बदलवाना चाहते हैं। आवेदन भी दे रखा। कम से कम चार अफसरों की मंजूरी के बाद ही बदलाव होगा।

ऐसे होगा लाभ

1500 वर्गफीट तक की संपत्तियों से जुड़े मामले की जोन स्तर पर सुनवाई होने का सीधा लाभ संबंधित जोन के रहवासियों को मिलेगा। उनके पूरे काम यहीं हो जाएंगे। चार स्तर पर जो देरी लगती थी वह एक ही स्तर में पूरी हो जाएगी। कई मामलों में निगम की एनओसी लेने में दिक्कत होती है, इससे दूर हो जाएगी।

मुख्यालय पर कम होगी भीड़
जोनस्तर पर ही काम पूरे होने से निगम के माता मंदिर स्थित निगम मुख्यालय पर शिकायतकर्ताओं की संख्या में भी कमी आने की स्थिति बनेगी। अभी यहां लोग जोन से आई अपनी फाइले तलाशने के लिए भटकते आसानी से देखे जा सकते है।

प्रस्ताव तैयार है। परीक्षण किया जारहा है इसके बाद इसे मंजूर किया जाएगा। सभी स्तरों पर पूरी तरह से परखने के बाद ही इसे लागू करेंगे। लोगों को अधिकतम लाभ के पैमाने पर इसे मंजूर करेंगे।
- रणवीरसिंह, अपर आयुक्त

Updated on:
19 Apr 2019 08:10 am
Published on:
19 Apr 2019 08:10 am