Body Building : मालदीव में हुए वर्ल्ड बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में एमपी की बॉडी बिल्डर वंदना ठाकुर ने जीता ब्रॉन्ज मैडल। इस प्रतियोगिता में वंदना भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली एकलौती महिला बॉडी बिल्डर थी।
Body Building : मध्य प्रदेश के इंदौर में रहने वाली लाड़ली बेटी ने विदेश में कमाल कर दिया है। बॉडी बिल्डर वंदना ठाकुर ने मालदीव में हुए वर्ल्ड बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप (World Body Building Championship 2024) में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता है। उन्होंने यह मैडल 55 किलोग्राम वर्ग में जीता है। वंदना ने इसी साल मार्च माह में लुधियाना में हुए नेशनल बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में भी सिल्वर मेडल हासिल किया था। इस प्रतियोगिता का आयोजन मालदीव के कैनारेफ रिज़ॉर्ट में किया गया था।इसमें दुनिया भर के 30 देशों में से कुल 250 बॉडी बिल्डर्स ने हिस्सा लिया था। यह प्रतियोगिता 5 नवंबर को शुरू हुई थी और आज इसका समापन हुआ।
इस जीत के बाद वंदना ने कहा कि 'मैं अपने देश के लिए कुछ कर पाई, यह मेरे लिए गर्व का क्षण है। यह जीत मेरे कोच, मेरे परिवार और मेरे सभी समर्थकों की मेहनत और विश्वास का परिणाम है।' उन्होंने कहा कि 'जब मैं मंच पर खड़ी थी और कांस्य पदक ले रही थी तब मैंने हर उस पल को महसूस किया जिसे मैंने न सिर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक रूप से भी बहुत कठिनाइयों से जूझते हुए पार किया। अब मुझे देश के लिए गोल्ड लाने के लिए कड़ी मेहनत करना है, यही मेरा एकमात्र लक्ष्य है।'
बता दें कि, बॉडी बिल्डर वंदना ठाकुर का जीवन बेहद कठनाई भरा था। उनके पिता कमल सेन ठाकुर फौज में सूबेदार थे जिनका निधन तब हुआ जब वह 13 साल की थी। इसके 3 साल के बाद कैंसर की वजह से उनकी मां ज्योत्सना का भी देहांत हो गया था। इसके बाद उन्होंने इंदौर में एक गोली- बिस्किट की छोटी दुकान खोली और आगे चलकर अगरबत्ती भी बनाई।
वह अपने पिता की तरह देश के लिए के लिए कुछ करना चाहती थी इसलिए उन्होंने स्पोर्ट्स का रास्ता चुना। उन्होंने क्रिकेट में हाथ आजमाया लेकिन वहां से उन्हें ज्यादा कुछ हासिल नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने अपने कोच अतिन तिवारी के साथ पावर लिफ्टिंग शुरू की और बॉडी बिल्डिंग करनी शुरू की। वंदना ने वर्ल्ड पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी भारत के लिए गोल्ड मैडल जितने के अलावा और भी कई प्रतियोगिताओं में मैडल जीता है लेकिन उनका संघर्ष अभी भी जारी है।