
Bhopal CBI Arrested BSNL Engineers: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को रिश्वतखोरी के मामले में बीएसएनएल भोपाल के दो वरिष्ठ इंजीनियरों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इनमें चीफ इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) और सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) शामिल हैं। दोनों पर जबलपुर की एक फर्म के लंबित बिलों का भुगतान कराने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। सीबीआई की जांच में अब यह पता लगाया जा रहा है कि लंबित बिलों के भुगतान और रिश्वत की मांग में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। तलाशी और पूछताछ से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीबीआई के अनुसार, जबलपुर की फर्म बीएसएनएल के ऑपरेशन एंड कॉम्प्रिहेंसिव मेंटेनेंस (ओसीएम) और इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन से जुड़े काम कर रही है। फर्म के 14 अलग-अलग कार्यों से संबंधित बिल भुगतान के लिए लंबित थे। आरोप है कि इन बिलों की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले दोनों अधिकारियों ने फर्म से अलग-अलग दो-दो लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामले की जांच की और गुरुवार को ट्रैप कार्रवाई की।
सीबीआई ने की टीम ने गुरुवार को कार्रवाई के दौरान दोनों अधिकारियों को 75-75 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह रकम कथित तौर पर दो-दो लाख रुपए की मांगी गई रिश्वत की पहली किस्त थी। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई के अफसरों ने आरोपियों से जुड़े भोपाल, लखनऊ और कानपुर स्थित आवासीय एवं कार्यालय परिसरों में तलाशी शुरू कर दी। टीम दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
इधर भिंड जिले के मेहगांव में गुरुवार को ही ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने सरसेड गांव के रहने वाले किसान राघवेन्द्र बघेल की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए रिश्वतखोर पटवारी संजय बघेल को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा। पटवारी ने फरियादी किसान से उसकी पत्नी के नाम से खरीदी गई ढाई बीघा जमीन के नामांतरण के एवज में 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। बाद में सौदा 10 हजार रुपये रिश्वत देना तय हुआ था। गुरुवार को पटवारी संजय बघेल अपने घर के पास एक दुकान पर किसान से पहली किस्त के तौर पर 5 हजार रुपये रिश्वत ले रहा था, तभी लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों धरदबोचा।