वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को अपना अंतिम आम बजट पेश कर दिया। किसी वर्ग को ज्यादा मिला, किसी से छीन लिया गया। इस बजट को 2019 में...।
भोपाल। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को अपना अंतिम आम बजट पेश कर दिया। किसी वर्ग को ज्यादा मिला, किसी से छीन लिया गया। इस बजट को 2019 में लोकसभा चुनाव की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा था। इसके बाद अब शिवराज सरकार का भी अंतिम बजट पेश होने वाला है। इसके लिए बजट सत्र 26 फरवरी से शुरू होने वाला है। मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री आने वाले चुनाव को ध्यान में रखते हुए लोकलुभावन बजट पेश करेंगे। बजट सत्र 28 मार्च तक चलेगा।
नई राज्यपाल का पहला संबोधन होगा
मध्यप्रदेश मे इस बार खास बात यह भी है कि मध्यप्रदेश में हाल ही में राज्यपाल बनी आनंदीबेन पटेल बजट अभिभाषण प्रस्तुत करेंगी। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद 2018-2019 का बजट प्रस्तुत किया जाएगा। इस बजट सत्र में कुल 18 बैठकें होंगी।
बजट सत्र की रणनीति तैयार
इधर 22 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र के पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष ने अपनी-अपनी रणनीतियां बनाना शुरू कर दिया है। कई लोग केंद्रीय बजट से निराश हैं, ऐसे में मध्यप्रदेश के लोगों की निगाह अब प्रदेश के बजट पर टिक गई है। जबकि लोगों को भी उम्मीद है कि चुनाव से पहले शिवराज सरकार कोई बड़ी राहत दे।
अब विधानसभा चुनाव की चिंता
मध्यप्रदेश की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के सामने 26 फरवरी को पेश होने वाला बजट किसी चुनौती से कम नहीं है। हाल ही में चित्रकूट, अटेर चुनाव और नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा की हार ने भाजपा की चिंता और बढ़ा दी है। अब शिवराज सरकार के सामने इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव की चिंता है। यदि वह अच्छा बजट पेश नहीं कर पाए तो इस चुनाव में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। इसमें अब सभी वर्गों को ध्यान में रखने का दारोमदार शिवराज सरकार के वित्त मंत्री जयंत मलैया पर रहेगा।
पिछले साल से ही मिशन 2018 के मूड में है सरकार
हालांकि मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार पिछले बजट से ही मिशन 2018 के मूड में आ गई थी। उसने कई वर्गों को खुश करने की कोशिश की थी, लेकिन पिछले दिनों से मध्यप्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर सेस लगाने से कीमतों में उछाल का खामियाजा इस बार सरकार को भुगतना पड़ सकता है। क्योंकि पेट्रोल के दाम देश में सबसे अधिक हो गए हैं।
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