
Bhopal News : कैंसर और यूरोलॉजी की गंभीर बीमारियों में अब मरीजों को जटिल सर्जरी के लिए अब मेजर ऑपरेशन का सामना नहीं करना पड़ेगा। मध्य प्रदेश की राजधानी में स्थित एम्स भोपाल में अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। अस्पताल प्रबंधन ने दा विंची रोबोटिक सर्जरी सिस्टम की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद अब इसकी स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। अक्टूबर और नवंबर 2026 तक ये सुविधा शुरू होने की उम्मीद है। एम्स भोपाल ने जटिल कैंसर, यूरोलाजी और अन्य गंभीर बीमारियों की सर्जरी को अधिक सटीक और आसान बनाने के लिए दा विंची रोबोट की मांग की थी। इस सिस्टम के जरिए डॉक्टर कंसोल से रोबोटिक हाथों को नियंत्रित करेंगे। इससे शरीर के ऐसे हिस्सों में भी अधिक सटीकता से आपरेशन किया जा सकेगा, जहां पारंपरिक सर्जरी में कठिनाई आती है।
प्रोस्टेट, किडनी, गर्भाशय और कोलन कैंसर जैसी सर्जरी में रोबोटिक तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है। इसमें परंपरागत ऑपरेशन की तुलना में छोटा चीरा लगाया जाता है। इससे रक्तस्राव और दर्द कम होने के साथ मरीज के जल्दी रिकवर होने की संभावना रहती है। दा विंची रोबोट स्थापित होने के बाद एम्स मध्य प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल बन जाएगा, जहां रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध होगी।
इधर, एम्स भोपाल को नया पूर्णकालिक निदेशक भी मिल गया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डॉ. नरेंद्र कोटवाल को एम्स भोपाल का नया डायरेक्टर नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा 7 अगस्त को जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, उनकी ये नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से तीन साल की अवधि या उनके 70 साल की आयु पूरी करने तक (जो भी पहले हो) प्रभावी रहेगी।