MP News: अब मरीजों को रेडियोथेरेपी, गर्भाशय निकालने जैसी जटिल और महंगी सर्जरी से राहत मिलेगी।
MP News: सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन की दिशा में भोपाल को बड़ी स्वास्थ्य सौगात मिलने जा रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत भोपाल सहित राज्य के जिला अस्पतालों में अत्याधुनिक थर्मल एब्लेशन डिवाइस लगाए जाएंगे। इससे महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती अवस्था में ही पहचान और इलाज संभव हो सकेगा।
चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक, थर्मल एब्लेशन डिवाइस गर्भाशय ग्रीवा में पनपने वाली असामान्य कोशिकाओं और प्री-कैंसरस घावों को जलाकर नष्ट करता है। इससे कैसर को गंभीर रूप लेने से पहले ही खत्म किया जा सकता है। रेडियोथेरेपी, गर्भाशय निकालने जैसी जटिल और महंगी सर्जरी से राहत मिलेगी।
प्री-कैंसरस मामलों का इलाज जिला अस्पतालों में ही किया जाएगा, जबकि गंभीर मरीजों को ही उच्च केंद्रों में रेफर किया जाएगा।- डॉ. सलोनी सिदाना, निदेशक, एनएचएम
भोपाल की महिलाओं को अब इलाज के लिए बड़े मेडिकल कॉलेजों या बाहर के शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। जिला स्तर पर सुविधा मिलने से समय और खर्च दोनों बचेंगे। इससे हमीदिया, एम्स जैसे बड़े संस्थानों पर दबाव भी घटेगा।
पिछले पांच वर्षों से राजधानी भोपाल सहित मध्यप्रदेश में सर्वाइकल कैंसर के मरीज बढ़े हैं। वर्ष 2025 में भोपाल में सर्वाइकल कैंसर के नए मामले अनुमानीत 450 और मध्य प्रदेश में पांच हजार से अधिक थे। राष्ट्रीय कैन्सर रजिस्ट्री प्रोग्राम के तहत के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में मध्यप्रदेश में अनुमानित सर्वाइकल कैंसर के नए मामले लगभग 4,378 थे। इसी तरह वर्षों 2020 में 4042, 2021 में 4151 और 2022 में 4264 मामले दर्ज किए गए थे।
सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) गर्भाशय ग्रीवा में होने वाला कैंसर है, जो गर्भाशय के निचले हिस्से (जो योनि से जुड़ता है) की कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि के कारण होता है, और यह ज़्यादातर ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) संक्रमण से फैलता है, जो यौन संपर्क से होता है। शुरुआती अवस्था में इसके लक्षण नहीं दिखते, लेकिन पैप टेस्ट और HPV वैक्सीन से इसकी रोकथाम और इलाज संभव है, जिसके लिए सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी का उपयोग किया जाता है।