Twisha Sharma Case- हाईकोर्ट ने सास की जमानत रद्द करने पर फैसला दिया, उधर केंद्रीय जांच एजेंसी ने देखा क्राइम सीन पति दो दिन सीबीआइ रिमांड में, सास से सवा तीन घंटे पूछताछ
Twisha Sharma Case- ट्विशा शर्मा केस में जबलपुर हाईकोर्ट ने भोपाल की पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कर दी है। कोर्ट ने पिता नवनिधि शर्मा और एमपी सरकार की याचिकाओं पर यह फैसला दिया। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद ट्विशा शर्मा की सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह पर गिरफ़्तारी की तलवार लटक गई है। केंद्रीय जांच एजेंसी कभी भी ये कार्रवाई कर सकती है। उधर पति समर्थ सिंह दो दिन से सीबीआइ की रिमांड में है। जांच अधिकारियों ने सास से करीब सवा तीन घंटे पूछताछ की। सीबीआई ने क्राइम सीन भी देखा। ट्विशा शर्मा के ससुराल की थ्रीडी मैपिंग कराई। पूरे घर की यह मैपिंग केस की सच्चाई सामने लाने में अहम भूमिका निभाएगी। सीबीआई, घर में ट्विशा के साथ हुई हर हरकत की हकीकत जानने की कोशिश कर रही है।
गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत निरस्त करते हुए जबलपुर हाईकोर्ट ने भोपाल की ट्रायल कोर्ट की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिन्ह लगाए हैं। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि निचली अदालत ने केस डायरी और साक्ष्यों का उचित परीक्षण नहीं किया।
मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह को पुलिस पहले ही गिरफ़्तार कर चुकी है। सीबीआई ने केस हाथ में लेते ही उसे अदालत में पेश किया और इसके बाद अपनी हिरासत में ले लिया। आरोपी पति समर्थ सिंह 2 दिन से सीबीआई की ही हिरासत में है। केंद्रीय एजेंसी उससे लगातार पूछताछ कर रही है। कोर्ट ने समर्थ सिंह को 29 मई तक सीबीआई रिमांड पर भेजा है। इसके बाद उसे दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सीबीआइ मामले की तेजी से जांच कर रही है। इसके अंतर्गत पूरे घर की थ्रीडी मैपिंग कराई। सीबीआई अधिकारियों के साथ केंद्रीय फोरेंसिक टीम भी हाईटेक मशीनरी के साथ मौके पर पहुंची थी। फारो फोकस हाई-प्रिसिजन थ्रीडी लेजर स्कैनर मशीन से घर की थ्रीडी मैपिंग की। मशीन लेजर से हर वस्तु की दूरी मापती है। इसका थ्रीडी डेटा तैयार करती है। घर में ट्विशा के साथ हुई हर हरकत की हकीकत जानने की कोशिश के अंतर्गत सीबीआइ ने क्राइम सीन की भी कवायद की। हर गतिविधि की वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी कराई।
सीबीआइ को पुलिस ने केस डायरी पहले ही दिन सौंप दी है। इसमें मामले से संबंधित सभी अहम बयान और साक्ष्यों का जिक्र किया गया है। केंद्रीय जांच एजेंसी अब पूर्व जज गिरिबाला सिंह, समर्थ सिंह व अन्य लोगों के बयान मिलाएगी।