
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक दिन पहले सीबीआई की गिरफ्त में आए सेन्ट्रल जीएसटी की प्रिवेंटिव शाखा के अक्षीक्षक राजेश कुमार को जीएसटी विभाग ने सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही राजेश कुमार के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। इधर सीबीआई की विशेष अदालत ने राजेश कुमार को दो दिन के रिमांड पर भेज दिया है। सेन्ट्रल जीएसटी की प्रधान आयुक्त एन पदमश्री ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि विभाग में इस तरह का मामला सामने आने पर कड़े निर्देश जारी किए है।
रविवार को सेन्ट्रल जीएसटी की भोपाल स्थित मुख्यालय में निवारक शाखा के अधीक्षक राजेश कुमार को एक दिन पहले भोपाल में सीबीआई ने 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। सीजीएसटी अधिकारी राजेश कुमार ने मंडीदीप के एक स्क्रैप कारोबारी से बंदी लगाकर पैसों की मांग की थी। बताया गया है कि स्क्रैब कारोबारी इसके पहले भी संबंधित अधिकारी को जांच नहीं करने के एवज में पैसे दे चुका था, लेकिन इसके बावजूद उससे पैसों की मांग की जा रही थी।
राजेश कुमार को गिरफ्तार करने के बाद सीबीआई ने उनके भोपाल और कानपुर स्थित आवासों पर छापेमारी भी की थी। रविवार देर तक चली कार्रवाई के दौरान सीबीआई को दोनों आवासों से कुल 72 लाख 50 हजार रुपए नकद बरामद हुए थे। इसके साथ ही कई अचल संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले थे, जिनकी जांच जारी है। सीबीआई ने आधिकारिक बयान जारी कर इस कार्रवाई की पुष्टि की है। अब दो दिन की रिमांड मिलने के बाद सीबीआई सीजीएसटी के निलंबित अधिकारी राजेश कुमार से पूछताछ करेगी और चल-अचल संपत्ति के बारे में भी जानकारी हासिल करेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।