साल का पहला चंद्रग्रहण माघ पूर्णिमा के दिन यानि 31 जनवरी को साल 2018 को पड़ेगा। कई राशि के जातकों के लिए है अशुभ...
भोपाल। माघ पूर्णिमा के दिन यानि 31 जनवरी को साल 2018 को पहला चंद्रग्रहण होगा। इस दिन ग्रहण लगा ही चंद्रमा का उदय होगा। जानकारों का मानना है कि ज्योतिषशास्त्र के हिसाब से यह चंद्र ग्रहण कर्क राशि के जातकों के लिए अशुभ रहेगा।
वहीं यह भी कहा जा रहा है कि इस बार 176 वर्ष बाद चंद्र ग्रहण पर पुष्य नक्षत्र का भी विशेष संयोग बन रहा है। माघ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा 31 जनवरी को यानि माघी पूर्णिमा के दिन संत रविदास जयंती एवं राजराजेश्वरी ललिता देवी जयंती के साथ ही नए साल का पहला खग्रास चंद्रग्रहण दिखाई देगा।
ज्योतिषियों के मुताबिक इस दिन भोपाल में भी चंद्रग्रहण का प्रभाव रहेगा। जिसके चलते समय से मंदिरों को बंद कर दिए जाने के अलावा माना जा रहा है कि लोग इस दौरान घरों से बाहर निकलने से बचेंगे।
फरवरी में चतुर्ग्रही योग...
पंडित शर्मा के मुताबिक ग्रहण के कारण प्राकृतिक आपदाओं की आशंका बढ़ जाती है, क्योंकि चंद्रमा पृथ्वी का सबसे करीबी ग्रह है और चांद पृथ्वी की प्रकृति से सीधा संबंध रखता है। ऐसे में समुद्र और पहाड़ों में भी इसकी चुंबकीय शक्ति भूचाल लाने की शक्ति रखती है। चंद्रमा की किरणें समुद्र में उफान लाती हैं जिससे ज्वार भाटा बनता है। इसके साथ ही इसके बाद फरवरी में कई बार चतुर्ग्रही योग बन रहे हैं। एक राशि में चार ग्रहों का इकट्ठा होना चतुग्रही योग कहलाता है, जो कुंभ राशि को प्रभावित करता है।
चंद ग्रहण का यह रहेगा समय...
जानकारों के अनुसार यह खग्रास चंद्रग्रहण संपूर्ण भारत में दिखाई देगा। शाम को 5.18 बजे प्रारंभ होने वाला यह ग्रहण रात 8.42 पर पूर्ण समाप्त होगा, जबकि इसका मध्य काल 7 बजे रहेगा। इस तरह ग्रहण की अवधि 3 घंटे 24 मिनट होगी। पूर्वी भारत, बंगाल, नागालैंड, मिजोरम, सिक्कम व असम के पूर्वी क्षेत्र में ग्रहण प्रारंभ होने के पहले ही चंद्रोदय हो जाएगा। इसलिए इन प्रदेशों में खग्रास रूप में चंद्रग्रहण पूरा दिखाई देगा।
राशियों पर ये पड़ेगा प्रभाव:
1. मेष-व्यथा
2. वृष-श्री
3. मिथुन-क्षति
4. कर्क-घात
5. सिंह-हानि
6. कन्या-लाभ
7. तुला-सुख
8. वृश्चिक-माननाश
9. धनु-मृत्यु तुल्य कष्ट
10. मकर-स्त्री पीड़ा
11. कुंभ-सौभाग्य
12. मीन-चिंता।
सूतक-काल:
स्पर्श काल से 3 पहर पूर्व अर्थात सुबह 8.18 मिनट से प्रारंभ होगा। बालक, वृद्ध एवं रोगी को दोपहर 2.18 से मानना चाहिए। ग्रहण गज आरंभ एवं मोक्ष में स्नान तथा मध्य में हवन, जप, दानादि का महत्व है। मंदिरों में रात 9 बजे पूजा-पाठ और आरती होगी।
31 जनवरी, 2018 को यह रहेगा पंचांग...
तिथि – पूर्णिमा – 18:57:43 तक
नक्षत्र – पुष्य – 17:35:40 तक
करण – विष्टि – 08:39:49 तक, बव – 18:57:43 तक
पक्ष – शुक्ल
योग – आयुष्मान – 26:25:35 तक
वार – बुधवार
DO and Don't (31 जनवरी के चंद्रग्रहण):
माघ पूर्णिमा के दिन यानि 31 जनवरी 2018 को पड़ने वाले पहले चंद्रग्रहण के संबंध में ज्योतिषों का मानना है कि यह कई राशि वालों के लिए अशुभ है, ऐसे में पंडित सुनील शर्मा कहते हैं कि इसकी अशुभता से बचने के कुछ उपाय भी हैं, जिनसे ये हमें कम ही नुकसान दे पाएगा।
ये कतई न करें...
1. ग्रहण के वक्त खुले आकाश में ना निकलें, खासकर प्रेग्नेंट महिलाएं, बुजुर्ग, रोगी और बच्चे।
2. ग्रहण से पहले या बाद में ही खाना खाएं।
3. किसी भी तरह का शुभ कार्य ना करें और घर के मंदिर में भी पूजा ना करें।
ये करें मिलेगा लाभ...
1. दान करें... इस दान में आटा, चावल, चीनी, दाल आदि दें।
2. ग्रहण के बुरे प्रभाव से बचने के लिए दुर्गा चालीसा या श्रीमदभागवत गीता आदि का पाठ भी करें।
साल 2018 में होंगे पांच ग्रहण:
वर्ष 2018 में इस बार तीन सूर्य और दो चंद्र सहित पांच ग्रहण होंगे। तीनों सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे। इसके साथ ही हिंदू पंचाग के मुताबिक अंग्रेजी साल में 13 महीने होंगे।
ऐसा इसलिए होगा की तीन साल में एक बार आने वाला पुरुषोत्तम मास के आने से हो रहा है। इसके चलते दो ज्येष्ठमास आएंगे।
इन तारीखों पर पडेंगे ग्रहण...
1- पहला चंद्रग्रहण 31 जनवरी को 3 घंटे 24 मिनिट का अश्लेषा नक्षत्र और कर्क राशि में लगेगा।
2- दूसरा चंद्र ग्रहण 27 जुलाई को 3 घंटे 55 मिनित का होगा जो श्रवण नक्षत्र व मकर राशि में होगा।
3- पहला खंडग्रास सूर्य ग्रहण 15 फरवरी को भारतीय समय अनुसार 12.25 बजे लगेगा।
4- दूसरा खंडग्रास सूर्य ग्रहण 13 जुलाई को सुबह 7.19 बजे शुरू होगा।
5- तीसरा सूर्यग्रहण 11 अगस्त को दोपहर 1.32 बजे से होगा। ग्रहण का सूतककाल 9 घंटे पहले लगता है।