
Bhopal News : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुदामा नगर में सेवानिवृत रेलवे कर्मचारी हेमंत बारिक और पत्नी शकुंतला बारिक की हत्या का मामला सामने आने के 60 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लग सका है। मिली जानकारी के अनुसार, इस ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी सुलझाने पुलिस की 10 अलग - अलग टीमें छानबीन में जुटी हुई हैं। हालांकि, अबतक की तफ्तीश में जो सामने आया है, उसने बुजु्ग दंपती की मौत के मामले में पुलिस को उलझा सा दिया है। बताया जा रहा है कि, हेमंत हत्या से पहले लगातार अपने मोबाइल और सिम बदल रहा था। पुलिस छानबीन में मृतक के घर से करीब 10 फोन बरामद भी हुए हैं, हालांकि, वो सभी डैमेज हैं।
जांच में ये भी सामने आया है कि, हमलावर ने दंपती पर चार गोलियां चलाईं थीं। इनमें से दो हेमंत के शरीर में मिली हैं और दो उनकी पत्नी शकुंतला के शरीर में मिली हैं। इसके अलावा, घर में और कोई फायर होने की पुष्टि नहीं हुई है। एक और चौंकाने वाली बात ये भी पता चली है कि, वारदात को अंजाम देने के बाद अज्ञात हमलावर दोनों के मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गया है। हालांकि, दोनों फोन उसने घर के भीतर ही बंद कर लिए थे। संभवत: इसके बाद वो घर से बाहर निकला होगा।
इधर, पुलिस को मृतक दंपती के कमरे की छानबीन के दौरान एक दो नहीं बल्कि 10 डैमेज स्मार्ट फोन और मिले हैं। साथ ही, ये भी पता चला है कि, हेमंत हर 3 महीने में फोन और सिम बदल देता है। आखिर इसके पीछे क्या कारण था? और हत्या करने वाला शख्स सिर्फ दंपती के फोन ही क्यों लेकर फरार हुआ है? पुलिस की एक टीम फोन मिस्ट्री को ही केंद्र मानकर तफ्तीश कर रही है।
हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस का मानना है कि, दंपती के गायब मोबाइल फोन इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में सहयोगी साबित हो सकते हैं। घर में रखी नकदी और जेवर तो सुरक्षित हैं, लेकिन दोनों के मोबाइल फोन गायब हैं। जांच के दौरान घर से करीब 10 पुराने और खराब मोबाइल भी मिले हैं। परिजन के अनुसार, हेमंत हर थोड़े दिन में मोबाइल ही नहीं सिम तक बदल देते थे। फिलहाल, पुलिस सभी मोबाइलों की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, हेमंत स्मार्टफोन और शकुंतला की-पैड मोबाइल इस्तेमाल किया करती थीं। आशंका है कि, आरोपी मोबाइल फोन ले जाने के इरादे से ही उन्हें साथ ले गया। दोनों फोन घटना के बाद घर के अंदर ही बंद किए गए थे और उनकी आखिरी लोकेशन भी घर ही पाई गई है।
जांच टीम हेमंत के कमरे से मिले दसों मोबाइल फोन के आधार पर नंबर को ट्रेस करने लगी है। जांच अब संपति विवाद, पुरानी रंजिश, अवैध संबंध समेत सभी पहलुओं पर टिक गई है, लेकिन अभी तक किसी संदिग्ध की पहचान नहीं हो सकी है। घर और आसपास सीसीटीवी कैमरे नहीं होने से जांच ज्यादा जटिल हो गई है। गली में कुछ दूर कैमरे लगे जरूर हैं, लेकिन उसमें हमलावर की स्पष्ट पहचान नहीं ह तस्वीर साफ नहीं दिखाई दे रही है। ऐशबाग थाना प्रभारी संदीप पवार ने बताया, दंपती के कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच में कोई संदिग्ध नंबर सामने नहीं आया है। दोनों ज्यादातर अपने रिश्तेदारों से ही बात किया करते थे।
शराब का आदी था हेमंत
जांच के दौरान पुलिस को घर से बड़ी मात्रा में दवाइयां मिली हैं। परिजन के अनुसार, हेमंत और शकुंतला लंबे समय से कई बीमारियों से परेशान थे। पड़ोसियों ने पुलिस को बताया, हेमंत शराब का अधिक सेवन करते थे और लोगों से उनका व्यवहार काफी रुखा रहता था।