
School Holiday Declared :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार की दोपहर से मुसलाधार बारिश का दौर जारी है। हालात ये हैं कि, खासकर पुराने शहर की अधिकतर सड़कों पर जल भराव के हालात हैं। वहीं, निचले इलाकों में जल भराव के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है। भारी बारिश के हालात को देखते हुए प्रशासन ने नगर निगम सीमा में आने वाले सभी नर्सरी से 12वीं तक के सरकारी और निजी स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी। लेकिन, इस आदेश की खास बात ये रही कि, जब तक शिक्षा विभाग ने इसका आदेश जारी कर स्कूलों तक पहुंचाया गया, तबतक शहर के सभी स्कूली छात्र बारिश के बीच जैसे तैसे जद्दोजहद करते हुए स्कबल पहुंच चुके थे।
यानी छुट्टी से संबंधित आदेश स्कूल लगने के समय जारी किया गया। ऐसे में कई स्कूलों द्वारा स्कूल पहुंचे बच्चों को छुट्टी का आदेश होने के कारण तेज बारिश के बीच वापस लौटाया गया तो कुछ स्कूलों में ये सोचकर क्लासेज लगाई गईं, कि जब बारिश के बीच किसी तरह बच्चे स्कूल पहुंच ही चुके हैं तो फिर उसी जद्दोजहद को दोहराने से अच्छा पढ़ाई ही करा ली जाए। संभवत स्कूल की छुट्टी तक बारिश रुक जाए और सड़कों पर जल भराव के हालातों में सुधार हो जाए। हालांकि, बड़ी संख्या में अभिभावकों द्वारा सुबह तेज बारिश से बिगड़े हालातों को देखते हुए स्वेच्छा से ही स्कूलों की छुट्टी कर ली थी।
बता दें कि, शहर में बीते 20-22 घंटों से लगातार बारिश हो रही है। सोमवार सुबह से भी शहरभर में मुसलाधार बारिश का दौर जारी है। शहर के वीआईपी रोड पर तेज हवा और बारिश के चलते एक पेड़ गिर गया, जिससे घंटों के लिए मार्ग पर जाम लगा रहा। शहर की कई सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। राजधानी में लगातार बारिश से हाल बेहाल होते दिखने लग है। तेज बारिश के चलते भोपाल के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। कई घरों और पार्किग क्षेत्रों में घुटनों तक पानी भर गया है। जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फिलहाल, भोपाल में बारिश के बीच सड़कों पर पानी जमा होने से आवाजाही भी प्रभावित हुई है। इधर, शिवनगर में बारिश के पानी में दो पहिया वाहन डूबे। कोलार के अपार्टमेंट्स के बेसमेंट जलमग्न हो गए। साथ ही, पुराने भोपाल के कई घरों में भी बारिश का पानी घुस गया। जलभराव की तस्वीरों ने नगर निगम के बेहतर जल निकासी और मानसून की तैयारियों के दावों की पोल खोल दी है।