भोपाल

कभी भी हटाए जा सकते हैं एमपी के 10 कलेक्टर और एसपी, सीएम मोहन यादव का सख्त रुख

CM Mohan Yadav : किसानों ने मूंग खरीदी को लेकर भोपाल में जुलाई में किया था आंदोलन, एसपी को हटाने पर डीजीपी के वीटो से कलेक्टरों का तबादला भी अटका
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Sep 11, 2026
CM Mohan Yadav
एसपी कलेक्टर को हटाने सीएम मोहन यादव ने की चर्चा- CM Mohan Yadav - : फोटो सोर्स : X@DrMohanYadav51

CM Mohan Yadav : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में डेढ़ महीने पहले हुआ किसान आंदोलन अब भी सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, भोपाल व हरदा समेत आसपास के 10 जिलों के कलेक्टरों व पुलिस अधीक्षकों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। उन्हें हटाने की तैयारी चल रही है। किसान आंदोलन के दौरान दो दिन तक भोपाल वालों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इसके लिए संबंधित जिलों कलेक्टरों व पुलिस अधीक्षकों को जिम्मेदार माना जा रहा है। इसके लिए सीएम मोहन यादव ने सख्त रुख दिखाया है। बताया जा रहा है कि कलेक्टरों को हटाने पर तो सहमति भी बन गई है। हालांकि, एसपी को हटाने पर डीजीपी के वीटो से कलेक्टरों का तबादला भी अभी अटक गया है। इस बीच राज्य सरकार किसानों को लुभाने का हर जतन कर रही है। सीएम मोहन यादव ने प्रदेश में प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी, पॉलीहाउस और मधुमक्खी पालन जैसे नवाचारों पर जोर दिया है।

नर्मदापुरम रोड समेत आसपास की सड़कों पर भारी जाम की स्थिति बनी थी

28 से 30 जुलाई के बीच किसानों ने मूंग के दाम बढ़ाने को लेकर आंदोलन किया था। हजारों किसान भोपाल आ धमके थे, जिसके कारण नर्मदापुरम रोड समेत आसपास की सड़कों पर भारी जाम की स्थिति बनी थी। कई बड़े अधिकारी-विशेषज्ञों ने आंदोलन को नीतिगत चूक बताया। किसान आंदोलन में नर्मदापुरम समेत 5 जिलों के कलेक्टर-एसपी को जिम्मेदार माना जा रहा है। यहां तक कि इन कलेक्टर एसपी को हटाने की तैयारी चल रही है।

पुलिस अधीक्षकों को हटाने के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री निवास में चर्चा हुई

सूत्रों के मुताबिक इनमें से कुछ पुलिस अधीक्षकों को हटाने के प्रस्ताव पर बुधवार देर रात मुख्यमंत्री निवास में चर्चा हुई, जिस पर डीजीपी कैलाश मकवाना ने तर्क रखे। बताया जा रहा है कि उन्होंने एसपी को नहीं हटाने की बात कही और इसपर अपना वीटो लगा दिया।

सरकार कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक को कभी भी हटा सकती है

डीजीपी कैलाश मकवाना के रुख की वजह से फिलहाल संबंधित कलेक्टरों के तबादले भी अटक गए, जबकि कलेक्टरों को हटाए जाने पर पहले ही सहमति बन गई थी। हालांकि सरकार चिह्नित कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक को कभी भी हटा सकती है। वहीं किसान फिर आंदोलन की योजना बना रहे हैं।

डीजीपी ने तर्क दिए कि एसपी ने किसानों को रोकने के प्रयासों में कोई कमी नहीं छोड़ी

बताया जा रहा है कि सीएम बुधवार को जब सागर से लौटे तो उन्होंने सीएस अशोक बर्णवाल व डीजीपी कैलाश मकवाना समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाया था। कई विषयों पर चर्चा हुई। इनमें से एक विषय मूंग खरीदी के दौरान हुए किसान आंदोलन की जिम्मेदारी तय करना भी था। चूंकि आंदोलन में सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, रायसेन, भोपाल, नरसिंहपुर समेत आसपास के 10 जिलों के सबसे ज्यादा किसान थे। इस आधार पर इनमें से कुछ जिलों के कलेक्टर व एसपी को हटाने को लेकर चर्चा हुई। जब हटाए जाने वाले एसपी के नाम सामने आए तो डीजीपी की ओर से तर्क दिए कि एसपी ने किसानों को रोकने के प्रयासों में कोई कमी नहीं छोड़ी। वे वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन करते रहे। पुलिस चाहकर भी कुछ नहीं कर पाई।

बता दें कि 6 दिन पूर्व ही प्रदेश में 11 आइएएस सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है। दुबई जाने के पूर्व ही सीएम मोहन यादव ने यह प्रशासनिक सर्जरी की थी। अब एक बार फिर कई कलेक्टर और एसपी के तबादले पर विचार शुरु कर दिया गया है।

Updated on:
11 Sept 2026 03:07 pm
Published on:
11 Sept 2026 01:38 pm