
CM Mohan Yadav - सीएम मोहन यादव ने बड़े अफसरों पर सख्ती दिखाई है। गलतियों और लापरवाही की शिकायतों पर ऑन-द-स्पॉट फैसला करते हुए 7 वरिष्ठ अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की। इनमें 3 अधिकारियों को जहां निलंबित किया वहीं अन्य 4 को शो काज नोटिस व वेतनवृद्धि रोकने के आदेश दिए गए। जन विश्वास अभियान के पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मैदान पर पहुंचकर लोगों को सुनने की पहल की। छिंदवाड़ा जिला मुख्यालय पर जनता दरबार लगाया।
जिन लोगों ने पूर्व से प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ शिकायत की थी, उन्हें सबके सामने बोलने का अवसर
जनविश्वास अभियान के अंतर्गत जिन लोगों ने पूर्व से प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ शिकायत की थी, उन्हें सबके सामने बोलने का अवसर दिया गया। गलती करने वाले छिंदवाड़ा सीएमएचओ, परासिया तहसीलदार, पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने, चौरई जनपद के सीईओ व श्रम अधिकारी की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने और चौरई एसडीएम व पटवारी को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
ये कार्रवाई लोगों को उनके हक- अधिकारों से वंचित रखने से जुड़े मामलों में की
खास बात यह है कि सीएम मोहन यादव जब तक छिंदवाड़ा से इंदौर के लिए रवाना होते, तब तक उनकी कार्रवाई के संबंध में अधिकारियों के लिए आदेश भी जारी हो गए। ये कार्रवाई लोगों को उनके हक- अधिकारों से वंचित रखने से जुड़े मामलों में की गई है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हर शुक्रवार सरकार आपके बीच आएगी। मैं स्वयं किसी न किसी जिले में जाऊंगा। मंत्रीगण, मंत्रालय से लेकर जिला स्तर के अधिकारी भी मैदान में रहेंगे। आप लोगों की वाजिब बातों को सुनेंगे। समाधान करेंगे। हम सभी को मिलकर प्रदेश का विकास करना है। यह भी कहा कि जन विश्वास अभियान मील का पत्थर साबित होगा। सरकार युवा, किसान, महिला, गरीब समेत हर वर्ग की चिंता कर रही है।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय कार्यालयों का निरीक्षण किया। आम लोगों, किसानों व छात्रों से संवाद किया। उनके साथ प्रभारी मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, मुख्यमंत्री के सचिव सुदाम खाड़े, कलेकटर हरेंद्र नारायण सिंह समेत तमाम जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।
जनविश्वास अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में गहमागहमी बनी रही प्रभारी मंत्रियों, एसीएस, पीएस, सचिवों और कलेक्टरों ने भी अलग-अलग जिलों व क्षेत्रों में जाकर संवाद किया। प्रभारी मंत्रियों-एसीएस और पीएस, सचिव-कलेक्टर ने योजनाओं का फीडबैक लिया। गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की।